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Chandigarh Mayoral Polls: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में AAP की जीत, SC ने लगाई रिटर्निंग ऑफिसर की क्लास

Chandigarh Mayoral Polls: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को BJP की विवादास्पद जीत के बाद चंडीगढ़ मेयर चुनाव के आठ 'अमान्य' बैलेट पेपर और मतगणना प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की। अदालत ने 'अदालत की अवमानना' के लिए रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह की खिंचाई करते हुए आठ अवैध बैलेट पेपर को वैध मानने का आदेश दिया

Shubham Sharmaअपडेटेड Feb 20, 2024 पर 5:01 PM
Chandigarh Mayoral Polls: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में AAP की जीत, SC ने लगाई रिटर्निंग ऑफिसर की क्लास
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को BJP की विवादास्पद जीत के बाद चंडीगढ़ मेयर चुनाव के आठ 'अमान्य' बैलेट पेपर और मतगणना प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की

Chandigarh Mayoral Pollsसुप्रीम कोर्ट (SC) ने आदेश दिया कि आम आदमी पार्टी (AAP) उम्मीदवार को चंडीगढ़ (Chandigarh) नगर निगम के मेयर पद के लिए कानूनी रूप से निर्वाचित उम्मीदवार घोषित किया जाए। यानि कोर्ट ने AAP उम्मीदवार को विजयी घोषित किया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि जिन 8 वोटों को अवैध माना गया था, उन्हें आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप कुमार के पक्ष में वैध रूप से पास किया गया और कहा गया कि उनके लिए आठ वोटों की गिनती करने पर उनके पास 20 वोट हो जाएंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम निर्देश देते हैं कि पीठासीन अधिकारी द्वारा चुनाव परिणाम को रद्द किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह के खिलाफ CrPC की धारा 340 के तहत मुकदमा शुरू करने के लिए एक उपयुक्त मामला बनता है। अदालत ने रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिया कि वह अधिकारी को कारण बताओं नोटिस जारी करें।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि वो दोबारा मतगणना का निर्देश देंगे। साथ ही शीर्ष अदालत ने खारिज किए गए 8 बैलेट पेपर (Ballot Papers) को भी सही ठहराते हुए उनकी भी गिनती करने को कहा। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से नियुक्त न्यायिक अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में बैलेट पेपर समेत बाकी रिकॉर्ड पेश किए। सुप्रीम कोर्ट ने बाद में मतपत्रों की जांच की और कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए 8 वोटों पर अतिरिक्त 'निशान' थे, जो रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह (Anil Masih) की तरफ से लगाए गए थे।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि अवैध बैलेट पेपर की दोबारा गिनती की जाएगी और उन्हें वैध माना जाएगा और उसके आधार पर चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे।

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