'कानूनी रूप से लड़ेंगे' राहुल गांधी की अयोग्यता पर कांग्रेस आग बबूला, दिखी विपक्षी एकता की झलक, बताया- लोकतंत्र की हत्या
कांग्रेस (Congress) सांसद और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से बीजेपी घबराई हुई है। वो जानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा ने न केवल कांग्रेस संगठन में नई उमंग जगाई है, बल्कि पूरे देश में एक नया उत्साह, भविष्य का रास्ता दिखाया है। भारत जोड़ो यात्रा की सफलता के कारण राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को कीमत चुकानी पड़ी है
राहुल गांधी की अयोग्यता पर कांग्रेस आग बबूला (FILE PHOTO)
कांग्रेस (Congress) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लोकसभा (Lok Sabha) की सदस्यता से अयोग्य (Disqualification) ठहराए जाने के बाद शुक्रवार को कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ है और वह मोदी सरकार के इस ‘सुनियोजित कदम’ के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने ये भी कहा "भारतीय लोकतंत्र ओम शांति।" कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर आगे की रणनीति तय करने के लिए आज शाम पांच बजे पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया को बताया, "आज शाम पांच बजे कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस लड़ाई को आगे ले जाने की रणनीति तय की जाएगी।"
उन्होंने कहा, "मोदी सरकार को सबसे ज़्यादा डर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से लगता है। लोकतंत्र की हत्या करने लिए उन्होंने गांधी की संसद सदस्यता रद्द की है। वे सच बोलने वालों का मुंह बंद करना चाहते हैं।"
खड़गे ने कहा, "देशवासी ये तानाशाही नहीं सहेंगे। लोकतंत्र की हिफाजत के लिए हम जेल तक जाएंगे। हम जेपीसी की मांग करते रहेंगे।"
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के कहा, "राहुल गांधी की आवाज को दबाना आसान नहीं है। हमें पूरा विश्वास है कि ऐसी चीज जो कानून में गलत है, उसका सही रूप से अवलोकन किया जाएगा और हमें कनविक्शन स्टे जल्द से जल्द मिलेगा।"
कांग्रेस सांसद और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से बीजेपी घबराई हुई है। वो जानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा ने न केवल कांग्रेस संगठन में नई उमंग जगाई है, बल्कि पूरे देश में एक नया उत्साह, भविष्य का रास्ता दिखाया है। भारत जोड़ो यात्रा की सफलता के कारण राहुल गांधी को कीमत चुकानी पड़ी है।
उन्होंने कहा, "ये राजनीतिक लड़ाई बरकरार रहेगी। हम पीछे नहीं हटेंगे। राहुल गांधी कोई धमकी से डरने वाले नहीं हैं...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं, इसलिए वो बार-बार राहुल गांधी और दूसरे विपक्ष के नेताओं को डराते रहते हैं और धमकियां देते रहते हैं।"
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, "राहुल गांधी को अयोग्य ठहराया जाना ताबूत में आखिरी कील है। यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है। यह मोदी सरकार का सुनियोजित कदम है ताकि संसद में राहुल गांधी की आवाज को बंद कर दिया जाए। हम इससे कानूनी और राजनीतिक रूप से निपटेंगे। सच की जीत होगी।"
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, "नीरव मोदी घोटाला- 14,000 करोड़ रुपया, ललित मोदी घोटाला- 425 करोड़ रुपया, मेहुल चोकसी घोटाला- 13,500 करोड़ रुपया। जिन लोगों ने देश का पैसा लूटा, भाजपा उनके बचाव में क्यों उतरी है? जांच से क्यों भाग रही है? जो लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं उन पर मुकदमे लादे जाते हैं।" उन्होंने सवाल किया, "क्या BJP भ्रष्टाचारियों का समर्थन करती है?"
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, "राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गई। वह आपके और इस देश के लिए लगातार सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं, लोकतंत्र को बचाने की हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं। हर षड्यंत्र के बावजूद वह यह लड़ाई हर क़ीमत पर जारी रखेंगे और इस मामले में न्यायसंगत कार्यवाही करेंगे। लड़ाई जारी है।"
विपक्षी एकता का प्रदर्शन
एकता का प्रदर्शन करते हुए, विपक्षी दलों के कई नेताओं ने राहुल गांधी की अयोग्यता पर निशाना साधा और उनके लिए अपना समर्थन भी दिया।
TMC सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, "विपक्षी नेता बीजेपी के मुख्य निशाने पर हो गए हैं!"
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, "ये लोकतंत्र की हत्या है। पूरी सरकारी मशीनरी दबाव में है। ये तानाशाही के अंत की शुरुआत है। चोर को चोर कहना अपराध हो गया है।"
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "उन्होंने आजम खान और उनके बेटे जैसे SP नेताओं के साथ भी ऐसा ही किया। वे मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं।”
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, "लोक सभा से राहुल गांधी जी का निष्कासन चौंकाने वाला है। देश बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। पूरे देश को इन्होंने डरा कर रखा हुआ है। 130 करोड़ लोगों को इनकी अहंकारी सत्ता के खिलाफ इक्ट्ठा होना होगा।"
क्यों गई राहुल गांधी की सदस्यता?
केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे, राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत की तरफ से साल 2019 के मानहानि के एक मामले में सजा सुनाये जाने के मद्देनजर शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उनकी अयोग्यता से जुड़ा आदेश 23 मार्च से प्रभावी होगा।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उन्हें (राहुल गांधी) संविधान के अनुच्छेद 102 (1) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत अयोग्य घोषित किया गया है।
दरअसल सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी सरनेम’’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दोषी ठहराया और दो साल जेल की सजा सुनाई।