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Congress Manifesto: बहुत महंगे हैं राहुल गांधी के चुनावी वादे, क्या देश की जनता को लुभा पाएगा कांग्रेस का घोषणापत्र

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में महिलाओं और युवाओं को फोकस में रखा है। लेकिन इसमें जो चुनावी वादे किए गए हैं, अगर वाकई उसे धरातल पर उतारा जाए तो देश की अर्थव्यवस्था हिल जाएगी। आइए, कांग्रेस के घोषणापत्र से उत्पन्न वास्तविक मजबूरियों को उजागर करते हैं

Edited By: Akhileshअपडेटेड May 09, 2024 पर 7:55 PM
Congress Manifesto: बहुत महंगे हैं राहुल गांधी के चुनावी वादे, क्या देश की जनता को लुभा पाएगा कांग्रेस का घोषणापत्र
Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस लोकसभा चुनाव विपक्ष के I.N.D.I.A. गुट के हिस्से के रूप में लड़कर BJP को चुनौती दे रही है

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कांग्रेस के घोषणापत्र पर की गई टिप्पणी की वजह से राहुल गांधी के चुनावी वादे इन दिनों चर्चा में है। कांग्रेस ने 5 अप्रैल को अपना घोषणापत्र जारी किया था। मुख्य विपक्षी पार्टी इसे 'न्याय पत्र' नाम दिया है। 2024 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से जारी घोषणापत्र में 5 'न्याय' और 25 तरह की 'गारंटियां' दी गई हैं। पार्टी ने मेनिफेस्टो में महिलाओं और युवाओं को फोकस में रखा है। लेकिन इसमें जो चुनावी वादे किए गए हैं, अगर वाकई उसे धरातल पर उतारा जाए तो देश की अर्थव्यवस्था हिल जाएगी। आइए, कांग्रेस के घोषणापत्र से उत्पन्न वास्तविक मजबूरियों को उजागर करते हैं। राहुल गांधी के चुनावी वादों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में पैसा जुटाना होगा।

महालक्ष्मी योजना (Mahalaxmi Scheme)

कांग्रेस ने चुनावी घोषणापत्र में 'महालक्ष्मी योजना' शुरू करने का वादा किया है जो गरीबी कम करने के लिए गरीबों को प्रति वर्ष 1 लाख रुपये प्रदान करेगी। यह राशि सबसे गरीब परिवारों की सबसे बुजुर्ग महिला के बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

हालांकि, स्पष्ट रूप से घोषणापत्र में यह नहीं बताया गया है कि कांग्रेस अपनी महालक्ष्मी कल्याण योजना के तहत कितने गरीब परिवारों तक पहुंचना चाहती है। क्या ऐसा इसलिए नहीं बताया गया है कि क्योंकि कांग्रेस नहीं चाहती कि कोई यह अनुमान नहीं लगा पाए कि इस योजना को लागू करने में कितकी लागत आएगी।

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