Atishi's Delhi Cabinet: दिल्ली में आतिशी के नेतृत्व वाली नई सरकार के नए मंत्रिमंडल में सभी मौजूदा मंत्री बरकरार रहेंगे। जबकि एक नए मंत्री को आतिशी कैबिनेट में जगह मिली है। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बनने जा रहीं आतिशी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मुकेश अहलावत नया चेहरा होंगे। जबकि चार मंत्री बरकरार रहेंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री नामित की गईं आतिशी और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी 21 सितंबर को पद की शपथ लेंगे।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार (19 सितंबर) कहा कि गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत और इमरान हुसैन को फिर से मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। दिल्ली के सुल्तानपुर माजरा से विधायक अहलावत को समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद द्वारा इस्तीफा देने के बाद खाली हुए स्थान पर शामिल किया जाएगा।
आनंद ने अप्रैल में केजरीवाल सरकार से इस्तीफा दे दिया था और AAP से भी नाता तोड़ लिया था। दिल्ली सरकार के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत सात सदस्य हैं। नई मुख्यमंत्री और नए सदस्यों का कार्यकाल संक्षिप्त होगा, क्योंकि अगले साल फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे।
दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल के सातवें सदस्य के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है। सूत्रों ने बताया कि करोल बाग के विधायक विशेष रवि या कोंडली विधायक कुलदीप कुमार को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
21 सितंबर को शपथ लेंगे मंत्री
दिल्ली की मुख्यमंत्री नामित की गईं आतिशी और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी 21 सितंबर को पद की शपथ लेंगे। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुरू में फैसला किया था कि सिर्फ आतिशी शपथ लेंगी। लेकिन बाद में यह निर्णय लिया गया कि उनकी सरकार के मंत्री भी शपथ लेंगे। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार 17 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके तुरंत बाद आतिशी ने राष्ट्रीय राजधानी में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
'आतिशी का मुख्यमंत्री बनना चिंता का विषय'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आतिशी को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक दल की नेता चुने जाने को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 'चिंता का विषय' करार दिया। बीजेपी ने कहा कि यह नगर के लोगों के साथ 'अन्याय' है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मंगलवार को एक बयान जारी कर आतिशी को दिल्ली की मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले की आलोचना की।
उन्होंने कहा, "यह चिंताजनक है कि आप ने आतिशी को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना है जबकि उनके माता-पिता भारतीय संसद पर हमले के लिए जिम्मेदार एक आतंकवादी को फांसी दिए जाने से रोकना चाहते थे।" उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति आप की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
चुघ ने कहा, "किसी ऐसे व्यक्ति को विधायक दल की नेता नियुक्त करना, जिनके परिवार को एक दोषी आतंकवादी के साथ सहानुभूति थी, दिल्ली के लोगों के साथ अन्याय है।" उन्होंने आप पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और दिल्ली के नागरिकों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "इस फैसले का सिर्फ दिल्ली के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए निहितार्थ है। दिल्ली के लोगों को उन नेताओं को खारिज कर देना चाहिए जो देश की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के साथ समझौता करते हैं।"