विदेश मंत्री एस जयशंकर G7 देशों के आउटरीच समिट में हिस्स ले कर इटली से भारत वापस आ गए है। भारत लौटते ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है। जानकारी के मुताबिक ये मुलाकात संसद में ही हुई है जिसमें पड़ोसी मुल्क में हिन्दुओं पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर चर्चा हुई है। दरअसल बीते कुछ दिनों से एक बार फिर बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई है। पिछले दिनों बांग्लादेश सरकार ने 25 नवंबर को ढाका एयरपोर्ट पर इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद पड़ोसी मुल्क में एक बार फिर से टेंशन बढ़ गया है।
शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद से देश में हिन्दुओं के खिलाफ हमले हो रहे हैं। बीच में हिंसा में थोड़ी कमी आई थी लेकिन एक बार फिर से इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। बांग्लादेश की सरकार ने चिन्मय दास पर देशद्रोह का आरोप लगा कर गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी को लेकर बांग्लादेश के हिन्दू समुदाय देश की राजधानी ढाका में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
बांग्लादेश की समस्याओं पर हुई है चर्चा
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर का पीएम मोदी से ये मुलाकात काफी अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्री ने पीएम से गुरुवार दोपहर को संसद में ही मुलाकात की है। वहीं इस दौरान दोनों नेताओं के बीच संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर भी बातचीत हुई है। दूसरी तरफ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले पर विपक्ष सरकार से जवाब को लेकर हंगामा कर रहे हैं।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी और एस जशंकर के बीच यह बात हुई कि अगर सदन चलता है तो सरकार बांग्लादेश मामले पर सदन में बयान देने को तैयार है। सूत्र का यह भी कहना है कि अगर दोनों सदन सही से चलते हैं तो विदेश मंत्री जल्द ही बांग्लादेश को लेकर सदन में बयान देंगे।
इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने से बांग्लादेश उच्च न्यायालय का इनकार
वहीं बांग्लादेश में हो रहे हिन्दुओं पर हमलों के बीच इस्कॉन के लिए थोड़ी खुशखबरी आई है। बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। दरअसल बांग्लादेश इस्कॉन के प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास की देशद्रोह मामले में गिरफ्तारी के बाद से ही बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान ही एक वकील सैफुल इस्लाम की हत्या कर दी गई। जिसके बाद बांग्लादेश में इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठ गई थी, लेकिन बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है।