Priyanka Gandhi in Parliament: 23 नवंबर को केरल के वायनाड लोकसभा सीट के उपचुनाव परिणाम में प्रचंड जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी आज (28 नवंबर) अपने भाई के साथ पहली बार सांसद पद की शपथ लेंगी। ये पहली बार होगा जब प्रियंका गांधी किसी संवैधानिक पद को ग्रहण करेंगी। इससे पहले वह राजनीति में सक्रिय रही हैं लेकिन उन्हेंने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा था। साल की शुरुआत में हुए आम चुनाव में राहुल गांधी वायनाड और रायबरेली दोनों सीटों से जीते थे, जिसके बाद उन्होंने केरल के वायनाड की सीट खाली कर दी थी।
यह पहली बार होगी जब गांधी परिवार के तीन सदस्य एक साथ संसद में दिखेंगे। राहुल गांधी पहले से ही लोकसभा में हैं तो वहीं सोनिया गांधी राज्यसभा की सदस्य हैं। आज प्रियंका गांधी के शपथ लेने के बाद वह उन सांसदों की सूची में शामिल हो जाएंगी, जिनके परिवार का कम से कम तीन सदस्य संसद के किसी भी सदन में है।
वायनाड उपचुनाव में प्रियंका को मिली है ऐतिहासिक जीत
23 नवंबर को जब चुनाव परिणाम आए तो सबको पहले से ही उम्मीद थी कि प्रियंका गांधी की जीत होने वाली है लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि इतनी बड़ी जीत होगी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक प्रियंका ने सीपीआई के उम्मीदवार सत्यम मोकेरी को 4,10,931 वोटों से शिकस्त दी है। प्रियंका को कुल 6,22,338 वोट मिले हैं जबकि सीपीआई के सत्यम मोकेरी को 2,11,407 वोट मिले हैं। वहीं तीसरे स्थान पर भाजपा की नव्या हरिदास रही हैं जिनको 1,09,939 वोट मिले हैं।
संसद में अखिलेश के परिवार के हैं चार सदस्य
आपको बता दें कि गांधी परिवार के अलावा भी कुछ परिवार है जिनके तीन या तीन से अधिक सदस्य संसद के किसी भी एक सदन में हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव दोनों ही लोकसभा के सदस्य हैं। इनके साथ ही अखिलेश यादव के चचेरे भाई अक्षय यादव भी संसद में हैं। उन्होंने फिरोजाबाद सीट से जीत दर्ज की है जबकि उनके दूसरे चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव बदायूं से जीत कर संसद पहुंचे हैं।
अखिलेश के अलावा पप्पू यादव और उनकी पत्नी रंजीत रंजन भी संसद में है। पप्पू यादव 2024 आम चुनाव में पुर्णिया से निर्दलीय 23,000 वोटों से जीत दर्ज कर लोकसभा में पहुंचे है, वहीं उनकी पत्नी कांग्रेस की तरफ से छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की सांसद हैं। वे 2022 में सदन के लिए चुनी गई हैं।
ऐसा रहा है प्रियंका गांधी का राजनीतिक सफर
प्रियंका गांधी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उनका जन्म 12 जनवरी 1972 में दिल्ली में राजीव गांधी और सोनिया गांधी के घर में हुआ था। बचपन से ही प्रियंका का राजनीति में काफी दिलचस्प रहा है। प्रियंका गांधी के राजनीति सलाहकार रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कई बार प्रियंका गांधी के राजनीतिक रुझानों के बारे में बताया हैं। आचार्य ने कई बार मीडिया को दिए अपने बयानों में बताया है कि राजनीति में प्रियंका गांधी की दिलचस्पी काफी पहले से ही रही है, लेकिन कई बार उनके चाहने के बाद भी राजनीति में उनका पदार्पण संभव नहीं हो पाया।
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में उनको बड़ी जिम्मेदारी मिली थी। हलांकि पार्टी को वहां चुनाव में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। लेकिन इस चुनाव में 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' अभियान ने प्रियंका गांधी को काफी शोहरत दी थी। प्रियंका ने इससे पहले 2004 में सोनिया गांधी की अभियान का प्रबंधन किया था। वहीं 2019 में सक्रिय राजनीति का हिस्सा ना होने के बाद भी प्रियंका ने अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी को देखते हुए 23 जनवरी 2019 में प्रियंका का औपचारिक रूप से राजनीति में एंट्री हुई थी और 11 सितंबर 2020 को पूरे उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया था।