पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर बादल और उनके साथी मंत्रियों को दरबार साहिब के बाथरूम और रसोई परिसर की सफाई करनी है, क्योंकि श्री अकाल तख्त की ओर से उन्हें ये धार्मिक सजा दी गई है। साथ ही उन्हें भक्तों को लंगर भी परोसना होगा। श्री अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च लौकिक संस्था है। उन्हें 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का समर्थन करने के लिए सुधारात्मक उपाय सौंपे गए थे। बादल ने इस मामले में अपनी गलतियां स्वीकार की थीं और अकाल तख्त से बिना शर्त माफी मांगी थी, जिसके बाद उन्हें यह सजा सुनाई गई। सिख नेताओं ने उनसे 'हां' या 'नहीं' में जवाब देने को कहा था। सुखबीर बादल ने सभी सवालों का जवाब 'हां' में दिया।
