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Gehlot vs Pilot: कम नहीं हुई अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तकरार, कांग्रेस की बैठक में किसी मुद्दे का नहीं निकला हल

Gehlot vs Pilot: गहलोत पहले बैठक में शामिल हुए। मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में दो घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की। उन्होंने कथित तौर पर ऐसे कई उदाहरण दिए, जब पायलट की भाषा और लहजे ने BJP को फायदा पहुंचाया। सूत्रों ने कहा कि जब पायलट अंदर पहुंचे, तो उन्हें अपनी शिकायतें सभी के सामने पर रखने का मौका दिया गया

MoneyControl Newsअपडेटेड May 30, 2023 पर 5:29 PM
Gehlot vs Pilot: कम नहीं हुई अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तकरार, कांग्रेस की बैठक में किसी मुद्दे का नहीं निकला हल
कम नहीं हुई अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तकरार

देर रात अचानक प्रेस ब्रीफिंग में कांग्रेस (Congress) महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) के साथ, घोषणा की कि वे आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) के लिए एक साथ काम करेंगे और जीत हासिल करेंगे। फोटो सेशन में दो बातें सामने आईं। सबसे पहले, वेणुगोपाल का बयान कि "ज्यादा डिटेल पर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष के लिए छोड़ दिया गया है।" इससे पता चलता है कि पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और गहलोत के बीच चार घंटे की बैठक में कोई समाधान नहीं निकला। बाद में इसी बैठक में पायलट भी शामिल हुए थे।

दूसरी बात ये कि प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पायलट और गहलोत दोनों के व्यवहार काफी कठोर थे और किसी ने भी एक दूसरे की ओर देखा तक नहीं। इससे ये पता चलता है कि उनके बीच दुश्मनी लगातार बढ़ती जा रही है।

सूत्रों ने News18 को बताया कि गहलोत पहले बैठक में शामिल हुए। मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में दो घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की। उन्होंने कथित तौर पर ऐसे कई उदाहरण दिए, जब पायलट की भाषा और लहजे ने BJP को फायदा पहुंचाया।

सूत्रों ने कहा कि जब पायलट अंदर पहुंचे, तो उन्हें अपनी शिकायतें सभी के सामने पर रखने का मौका दिया गया। कहा जाता है कि उन्होंने राहुल गांधी और खड़गे को उन आश्वासनों की याद दिलाई, जो उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए दिए गए थे।

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