Gujarat news: भूपेंद्र पटेल आज गुजरात के सीएम के तौर पर शपथ ग्रहण कर रहे हैं। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) को उसके विधायकों ने जबरदस्त झटका देने के मूड में हैं। आम आदमी पार्टी ने गुजरात चुनाव में सिर्फ 5 सीटें जीती थीं और अब ऐसा लग रहा है कि ये सभी BJP को सपोर्ट कर सकते हैं। गुजरात चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और दूसरे नेताओं ने बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन नतीजों में यह पार्टी कोई कमाल नहीं कर पाई। अब रही सही कसर उनके विधायकों ने पूरी कर सकते हैं।
विधायकों का दिलचस्प अंदाज
वैसे तो नतीजों के बाद से ही इस बात की सुगबुगाहट बढ़ गई थी कि आम आदमी पार्टी के सभी 5 विधायक BJP में जा सकते हैं। AAP के पांच विधायकों में से एक ने कहा था कि वह लोगों से पूछेगा कि उसे BJP में जाना चाहिए या नहीं। हालांकि दावे करने में जूनागढ़ जिले के विसावदर से AAP विधायक भूपत भायाणी (Bhupat Bhayani) भी पीछे नहीं थे। एक दिन पहले तक वह कह रहे थे कि अगर वह पार्टी बदलते हैं तो जिन लोगों ने उन्हें वोट दिया है उनके लिए कुछ नहीं कर पाएंगे।
आम आदमी पार्टी का शर्मनाक प्रदर्शन
गुजरात विधानसभा चुनावों में AAP को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा था। गुजरात में आम आदमी पार्टी ने 182 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसमें से 126 सीटों पर AAP के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। इतना ही नहीं 14 सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को NOTA से भी कम वोट मिला था। हालांकि 5 सीटों पर पार्टी ने कब्जा जमाया लेकिन अब वो भी हाथ से निकल गया।।
पार्टी ने केवल पांच सीटों पर जीत हासिल की और 12.9% वोट प्रतिशत हासिल किया। दिल्ली के CM और AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पहले भविष्यवाणी की थी कि AAP गुजरात चुनाव में 90 से ज्यादा सीटें जीतेगी।
हालांकि, गुजरात में लगभग 13% वोट शेयर के साथ, दिल्ली, पंजाब और गोवा के बाद चौथा राज्य, AAP एक 'राष्ट्रीय' पार्टी बनने के लिए तैयार है। AAP राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने वाली भारत की नौवीं राजनीतिक पार्टी होगी। AAP को राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए गुजरात में 6% वोट और 2 सीटों की जरूरत थी।
भारतीय जनता पार्टी ने राज्य विधानसभा में कांग्रेस के 1985 के 149 सीटों के रिकॉर्ड को पछाड़ते हुए गुजरात में 156 सीटों का नया रिकॉर्ड बनाया है। कांग्रेस को केवल 17 सीटें मिलीं, जो 2017 के स्कोर से 60 सीटें कम हैं।