पाकिस्तान की संसद में प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है। पाकिस्तानी नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर ने रविवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इसे असंवैधानिक घोषित किया है। डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी ने विदेशी साजिश का आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और सदन में वोटिंग नहीं होने दी है।
पाकिस्तानी नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी ने कहा कि किसी भी दूसरे देश को हक नहीं है कि वो पाकिस्तान की सरकार को गिराने की कोशिश करे। डिप्टी स्पीकर ने 25 अप्रैल तक संसद की कार्यवाही स्थिगति कर दी है। संसद की अगली बैठक 25 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
पाक मंत्री फवाद चौधरी ने संविधान के कुछ आर्टिकल का हवाला देते हुए स्पीकर से अनुरोध किया कि ये प्रस्ताव असंवैधानिक है। जिसके बाद डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। इस बीच, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान जनता के सामने आए और उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से संसद भंग करने की सिफारिश कर दी है।
इमरान खान ने की संसद भंग करने की सिफारिश
इमरान खान ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति को विधानसभाओं को भंग करने के लिए सलाह भेज दी है। चुनाव हों और लोग फैसला करें कि वो किसे चाहते हैं। बाहर से कोई साजिश और इस तरह के भ्रष्ट लोग इस मुल्क की तकदीर का फैसला न करें। इमरान खान ने कहा कि कोई बाहर से साजिश और पैसों की बोरियों से लोगों को खरीद कर इस मुल्क के लोगों की तकदीर का फैसला न करें। उन्होंने कहा कि मैं अपनी कौम को आज कहता हूं कि आप चुनाव की तैयारी करो।
राष्ट्रपति ने भंग की संसद
इमरान ने कहा कि मुल्क से जो इतनी बड़ी साजिश की जा रही थी वो आज फेल हो गई। इमरान खान ने कहा कि नेशनल असेंबली के स्पीकर ने जिस अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किया है, वह एक बाहर से प्लान किया हुआ अविश्वास प्रस्ताव था। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, अब पाकिस्तान में 90 दिन के अंदर चुनाव होंगे। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री खान की सलाह पर नेशनल असेंबली को भंग कर दी है।
युवाओं से की थी प्रदर्शन करने की अपील
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अहम मतदान से एक दिन पहले शनिवार को देश के युवाओं से अपील की कि वे उनकी सरकार के खिलाफ कथित रूप से रचे गए विदेशी षड्यंत्र के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें, लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि वे पाकिस्तान सेना की आलोचना नहीं करें।
इमरान खान ने सेना के साथ मतभेद की खबरों को भी खारिज किया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनके खिलाफ पैदा किया गया राजनीतिक संकट पाकिस्तान के लिए एक स्वतंत्र विदेश नीति बनाने की उनकी इच्छा का परिणाम है।