उत्तर प्रदेश में कथित PWD तबादला धांधली को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार एक्शन मोड में है। उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री जितिन प्रसाद (Jitin Prasada) के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) अनिल कुमार पांडे पर तबादलों में हुई गड़बड़ियों की गाज गिरी है।
जितिन प्रसाद के ओएसडी अनिल कुमार पांडे का तबादला कर दिया गया है। वहीं, चीफ इंजीनियर समेत पांच अन्य अधिकारियों को राज्य सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है।
यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले जितिन प्रसाद PWD विभाग का कार्यभार संभालने के 13 महीने बाद कथित तबादला पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में है।
एक जांच में प्रसाद के ओएसडी अनिल कुमार पांडे को विभाग में गलत तरीके से तबादलों के लिए सीधे जिम्मेदार पाया गया था। इसके बाद अब जितिन प्रसाद पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पांडे को उन्होंने ही चुना था। मंत्री का सारा काम का पांडे ही संभालते थे और विभागीय फाइलें ओएसडी के माध्यम से ही मंत्री के पास जाती थीं।
दिल्ली में अवर सचिव रहे अनिल कुमार पांडे को जितिन प्रसाद की सिफारिश पर ही उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती दी गई थी। पांडे ने पहले भी जितिन प्रसाद के साथ काम कर चुके हैं, जब वह यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। उन्हें प्रतिनियुक्ति पर लखनऊ लाया गया था।
प्रसाद जब केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान मंत्री थे, तब अनिल पांडे उनके कार्यालयों में तैनात थे। यूपी में दोबारा बीजेपी सरकार बनने पर जितिन प्रसाद को लोक निर्माण विभाग का मंत्री बनाया गया था और तब ही अनिल ने यहां आने के लिए आवेदन किया था। जितिन की सिफारिश पर उन्हें यूपी लाया गया था।
विभाग के दो और अधिकारियों पर भी विभाग में तबादलों में गड़बड़ी का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रसाद ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाल ही में मुलाकात की थी। सूत्रों की मानें तो आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलने की संभावना है। फिलहाल, जितिन प्रसाद पूरे मामले पर चुप्पी साध रखे हैं। वह किसी के कॉल का जवाब भी नहीं दे रहे हैं।