कर्नाटक विधानसभा चुनाव : कांग्रेस जीत के करीब, जीतने वाले सभी उम्मीदवारों को बेंगलुरु पहुंचाने के लिए इंतजाम किए गए

पूर्व चीफ मिनिस्टर और सीनियर कांग्रेस लीडर सिद्धरमैया के बेटा यतींद्र सिद्धरमैया ने शनिवार सुबह कहा कि कांग्रेस राज्य में अपने दम पर सरकार बनाने में सफल रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक के हित में उनके पिता का राज्य का मुख्यमंत्री बनना जरूरी है

अपडेटेड May 13, 2023 पर 11:33 AM
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सुबह 10:45 तक उपलब्ध ट्रेंड के मुताबिक, कांग्रेस 118 सीटों पर आगे चल रही है। BJP 72 सीटों पर आगे है, जबिक जेडीएस के उम्मीदवार 31 सीटों पर आगे चल रहे हैं। नतीजों के शुरुआती ट्रेंड से एग्जिट पोल के नतीजे सही होते दिख रहे हैं

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस (Congress) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है। अगर कांग्रेस 113 या इससे ज्यादा सीटें हासिल कर लेती है तो यह इसके लिए संजीवनी से कम नहीं होगा। इससे पहले हुए कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस के लिए यह जीत बहुत मायने रखती है। इस बीच, कांग्रेस ने अपने सभी एमएलए को आज बेंगलुरु पहुंचे के लिए कहा है। पार्टी ने अपने विधायकों को राज्य के दूरदराज के इलाकों से बेंगलुरु पहुंचाने के लिए खास इंतजाम किया है। पार्टी सूत्रों ने बताया है कि इसके लिए ऑब्जरवर्स भी नियुक्त किए गए हैं।

कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें

सुबह 10:45 तक उपलब्ध ट्रेंड के मुताबिक, कांग्रेस 118 सीटों पर आगे चल रही है। BJP 72 सीटों पर आगे है, जबिक जेडीएस के उम्मीदवार 31 सीटों पर आगे चल रहे हैं। नतीजों के शुरुआती ट्रेंड से एग्जिट पोल के नतीजे सही होते दिख रहे हैं। एग्जिट पोल से कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटे मिलने के संकेत मिले थे। कर्नाटक में विधानसभा की कुल 224 सीटें हैं। 113 सीट हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बनाएगी।


कौन बनेगा मुख्यमंत्री?

इस बीच, पूर्व चीफ मिनिस्टर और सीनियर कांग्रेस लीडर सिद्धरमैया के बेटा यतींद्र सिद्धरमैया ने शनिवार सुबह कहा कि कांग्रेस राज्य में अपने दम पर सरकार बनाने में सफल रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक के हित में उनके पिता का राज्य का मुख्यमंत्री बनना जरूरी है। उन्होंने कहा, "हम BJP को सत्ता से बाहर रखने के लिए कुछ भी करेंगे...कर्नाटक के हित में मेरे पिता को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।"

जेडीएस को निराशा

कर्नाटक में 10 मई को चुनाव हुए थे। इस चुनाव में भाजपा ने सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के लिए जबर्दस्त चुनाव प्रचार किया था। उधर, कांग्रेस के सीनियर नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने भी जमकार चुनाव प्रचार किया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कांग्रेस अपने दम पर सरकार बनाने में सफल रहती है तो जेडीएस को काफी निराशा होगी।

जेडीएस को उम्मीद थी कि कांग्रेस को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में उसे सरकार बनाने के लिए उसके (JDS) समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में वह अपनी शर्तों पर कांग्रेस को समर्थन देगी। लेकिन, अब तक के ट्रेंड से ऐसा लगता है कि कांग्रेस अपने दम पर सरकार बनाने में सफल रहेगी। यह जेडीएस के लिए बहुत बड़ा झटका होगा। उसकी सीटें भी इस बार घटती दिख रही है। ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने जेडीएस के वोट बैंक में सेंध लगाया है।

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