कर्नाटक: हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी को मिली जमानत, बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े 31 साल पुराने केस में हुई थी गिरफ्तारी

Ram Mandir Inauguration: श्रीकांत पुजारी के वकील के मुताबिक, कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी है और वह कल शाम को रिहा हो जाएंगे। पत्रकारों से बात करते हुए, वकील संजीव बडसाका ने कहा, “हम अदालत के आदेश का स्वागत करते हैं और यह सशर्त जमानत है। आदेश की कॉपी अभी देखना बाकी है। श्रीकांत कल शाम तक जेल से बाहर आ जाएंगे

अपडेटेड Jan 05, 2024 पर 5:35 PM
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कर्नाटक: हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी को मिली जमानत, बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े 31 साल पुराने केस में हुई थी गिरफ्तारी

हुबली की अदालत ने शुक्रवार को हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी (Srikanth Pujari) को जमानत दे दी। उन्हें हाल ही में 1992 में अयोध्या (Ayodhya) में बाबरी मस्जिद के विध्वंस (Babri Masjid Demolition) के बाद दंगों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस सरकार (Congress Government) के खिलाफ राज्य भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन (Protest) शुरू किया है और उस पर हिंदू विरोधी सरकार होने का आरोप लगाया है।

श्रीकांत पुजारी के वकील के मुताबिक, कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी है और वह कल शाम को रिहा हो जाएंगे। पत्रकारों से बात करते हुए, वकील संजीव बडसाका ने कहा, “हम अदालत के आदेश का स्वागत करते हैं और यह सशर्त जमानत है। आदेश की कॉपी अभी देखना बाकी है। श्रीकांत कल शाम तक जेल से बाहर आ जाएंगे।”

कौन हैं श्रीकांत पुजारी?


51 साल के श्रीकांत पुजारी, कर्नाटक के हुबली जिले के चन्नापेट के एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता हैं और कई सीमांत समूहों का हिस्सा हैं। उन पर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के ठीक बाद हुबली में दंगों में शामिल होने और कथित तौर पर हुबली में कुछ दुकानों में आग लगाने का आरोप है।

हुबली पुलिस के मुताबिक, पुजारी के खिलाफ पिछले 31 साल में 16 केस दर्ज किए गए हैं। कथित तौर पर दंगा भड़काने और चोट पहुंचाने के आरोप में उन पर कुल तीन मामले दर्ज किए गए थे। उन पर 1991 के अलावा 1999, 2001 और 2014 में भी दंगे करने का कथित आरोप लगाया गया था।

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पुजारी के खिलाफ जुए और अवैध शराब के संबंध में भी कई मामले हैं। हुबली पुलिस का ये भी आरोप है कि पुजारी कभी भी अदालत में पेश नहीं हुए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पुजारी पिछले कुछ सालों से ऑटोरिक्शा चलाने का काम कर रहे हैं।

इस बीच, श्रीकांत के वकील ने दावा किया कि उनके खिलाफ दायर ज्यादातर मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया था और कहा कि वह फरार भी नहीं थे।

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