Karnataka Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग (ECI) के अनुसार, कर्नाटक में आम चुनाव दो चरणों में होंगे। कर्नाटक लोकसभा चुनाव की तारीखें 26 अप्रैल, 2024 (14 सीटें) और 4 मई, 2024 (14 सीटें) निर्धारित हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि कर्नाटक की जनता दो चरणों में वोट डालेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक 7 चरणों में होंगे। इन चरणों में कुल 543 निर्वाचन क्षेत्र शामिल होंगे।
कर्नाटक में कुल 28 लोकसभा सीटों के लिए मतदान होगा। आदर्श आचार संहिता चुनाव की घोषणा के साथ ही देशभर में लागू हो गई है। यह 4 जून को मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। वोटों की गिनती पूरे देश में सामूहिक रूप से 4 जून 2024 को की जाएगी।
कर्नाटक में कितने लोकसभा क्षेत्र हैं?
कर्नाटक राज्य में 28 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। जिनके नाम चिक्कोडी, बेलगाम, बागलकोट, बीजापुर, गुलबर्गा, रायचूर, बीदर, कोप्पल, बेल्लारी, हावेरी, धारवाड़, उत्तर कन्नड़, दावणगेरे, शिमोगा, उडुपी चिकमगलूर, हासन, दक्षिण कन्नड़, चित्रदुर्ग, तुमकुर, मांड्या, मैसूर, चामराजनगर, बैंगलोर ग्रामीण, बैंगलोर उत्तर, बैंगलोर सेंट्रल, बैंगलोर दक्षिण, चिकबल्लापुर और कोलार शामिल हैं। कर्नाटक की 28 लोकसभा सीटों में से पांच सीटें SC उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं, जबकि दो सीटें ST उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं।
2019 में किसे कितनी सीटें मिली थीं?
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने कुल 26 सीटें जीतीं, जिनमें से 25 अकेले BJP की थीं। वहीं, कांग्रेस और JDS का गठबंधन केवल दो सीटों पर कब्जा कर सका। इस बार JDS भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। BJP के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन एक बार फिर राज्य में अधिकांश सीटों पर दावा करना चाहेगा, लेकिन इस बार उन्हें नवगठित I.N.D.I.A. गठबंधन से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
कर्नाटक राज्य में कुल 28 लोकसभा सीटें हैं, जो आगामी चुनावों में बहुमत का दावा करने में प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं। हाल के दिनों में स्थानीय पार्टी JDS की लोकप्रियता बढ़ने के साथ राज्य में BJP और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियां भी शामिल हैं। राज्य में जीत हासिल करने के लिए उचित मात्रा में काम करने की जरूरत है।
क्यों अहम है कर्नाटक का चुनाव?
अपने मजबत IT हब के कारण कर्नाटक देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इस राज्य को दक्षिण का द्वार भी कहा जाता है, जहां इस वक्त कांग्रेस की सत्ता है। लेकिन कांग्रेस के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, वह सत्ता विरोधी स्थिति का सामना कर रही है।
राज्य और देश के राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव के साथ 2024 का कर्नाटक चुनाव एक उच्च जोखिम वाला मुकाबला प्रतीत होता है। कर्नाटक अपनी जटिल गतिशीलता और उच्च दांव के कारण आगामी मेगा इलेक्शन में एक प्रमुख प्रतियोगिता के रूप में उभर रहा है।