'इस महीने गिरफ्तार नहीं होंगे तेजस्वी यादव' CBI ने HC को दिया आश्वासन, 25 मार्च को एजेंसी के सामने पेश होंगे बिहार के डिप्टी सीएम

इस आश्वासन के बाद तेजस्वी यादव की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल 25 मार्च को CBI के दिल्ली मुख्यालय में जांच अधिकारी के सामने सुबह साढ़े 10 बजे पेश होंगे। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर गौर करने के बाद उस याचिका का निपटारा किया, जिसमें तेजस्वी यादव ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की तरफ से उन्हें जारी किए गए समन को रद्द करने का अनुरोध किया था

अपडेटेड Mar 16, 2023 पर 1:39 PM
25 मार्च को CBI के सामने पेश होंगे बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हाई कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह इस महीने बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को गिरफ्तार नहीं करेगा, जिसके बाद नेता ने जमीन के बदले नौकरी मामले (Land for Job Scam) में पूछताछ के लिए 25 मार्च को एजेंसी के सामने पेश होने को लेकर सहमति जताई। जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने CBI के वकील का बयान दर्ज किया कि एजेंसी की इस महीने तेजस्वी यादव को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं है।

इस आश्वासन के बाद तेजस्वी यादव की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल 25 मार्च को CBI के दिल्ली मुख्यालय में जांच अधिकारी के सामने सुबह साढ़े 10 बजे पेश होंगे।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर गौर करने के बाद उस याचिका का निपटारा किया, जिसमें तेजस्वी यादव ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की तरफ से उन्हें जारी किए गए समन को रद्द करने का अनुरोध किया था।


राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री लालू यादव (Lalu Yadav) के बेटे तेजस्वी ने याचिका में कहा था कि उन्होंने कई पत्रों के माध्यम से जांच अधिकारी से अनुरोध किया कि उन्हें कुछ समय दिया जाए क्योंकि वर्तमान बिहार विधानसभा सत्र पांच अप्रैल तक चलेगा।

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तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने अनुरोध किया था कि या तो उन्हें पटना में CBI दफ्तर में उपस्थित होने की अनुमति दी जाए या अगर उनसे कोई जानकारी या दस्तावेज चाहिए तो वह नई दिल्ली में अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए उसे मुहैया करा देंगे।

ये मामला लालू प्रसाद के 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहने के दौरान उनके परिवार को कथित तौर पर उपहार में दी गई या बेची गई जमीन के बदले रेलवे में की गई नियुक्तियों से जुड़ा है।

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने आरोप पत्र में कहा कि भारतीय रेलवे के निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए रेलवे में नियुक्तियां की गईं।

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