Land For Job Scam: जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), उनकी पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Rabri Devi) और बेटी एवं RJD सांसद मीसा भारती (Misa Bharti) सहित अन्य आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इनकी जमानत का विरोध नहीं किया।
कोर्ट ने कहा कि CBI ने गिरफ्तारी के बिना चार्जशीट दायर की है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सभी को जमानत दी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू, राबड़ी और मीसा भारती समेत इस मामले से जुड़े सभी 16 आरोपियों को जमानत दे दी है।
इससे पहले लालू, राबड़ी देवी और मीसा भारती राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी घोटाले में सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए इन सभी को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था। आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन ली गई थी। इस मामले में सीबीआई ने पिछले साल 18 मई को केस दर्ज किया था।
व्हील चेयर पर कोर्ट पहुंचे लालू
74 वर्षीय लालू यादव का हाल ही में गुर्दे का प्रतिरोपण हुआ था। वह अदालत परिसर में ‘व्हील चेयर’ पर नजर आए। लालू सुबह करीब 10 बजे राउज एवेन्यू अदालत पहुंचे। हालांकि मामले की सुनवाई देर से शुरू हुई। लालू परिवार के तीनों सदस्य सुबह करीब 11 बजे जज गीतांजलि गोयल के समक्ष पेश हुए।
अदालत ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती को जमानत दी है।
यह मामला लालू प्रसाद के 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहने के दौरान लालू के परिवार को कथित तौर उपहार में दी गई या बेची गई जमीन के बदले रेलवे में की गई नियुक्तियों से जुड़ा है। CBI ने अपने आरोप पत्र में कहा कि भारतीय रेलवे के निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए रेलवे में नियुक्तियां की गईं।
इसमें नौकरी के बदले में उम्मीदवारों द्वारा सीधे या अपने करीबी रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के जरिए RJD प्रमुख एवं तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों को बाजार दरों से काफी कम कीमत पर जमीन बेचने का भी आरोप लगाया गया है।
विशेष जज गीतांजलि गोयल ने 27 फरवरी को प्रसाद की बेटी मीसा भारती समेत सभी आरोपियों को समन जारी किया था और उन्हें 15 मार्च को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था।