Major blow for Ajit Pawar: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को बहुत ही बड़ा झटका लगा है। पिंपरी-चिंचवाड़ इकाई के प्रमुख अजित गव्हाने सहित करीब 25 नेता बुधवार 17 जुलाई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो गए। बता दें कि इस साल के अंत में होने वाले महत्वपूर्ण महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले है।
गव्हाने के साथ-साथ वरिष्ठ एनसीपी नेता राहुल भोसले, पंकज भालेकर और यश साने ने भी पार्टी छोड़ दी। सभी नेताओं ने पुणे में शरद पवार के आवास पर NCP में शामिल हो गए। पाला बदलने वालों में पूर्व पार्षद भी शामिल थे। गव्हाने ने शरद पवार के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, "हम शरद पवार की पार्टी में शामिल हुए हैं, क्योंकि हमारा मानना है कि यह पार्टी पिंपरी-चिंचवाड़ और महाराष्ट्र को आगे ले जाने के लिए सबसे बेहतर स्थिति में है।"
अजित पवार जुलाई 2023 में अविभाजित NCP से अलग होकर एकनाथ शिंदे नीत राज्य सरकार में शामिल हो गए थे। उन्होंने पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न भी हासिल कर लिया था। लोकसभा चुनाव में अजित पवार की अगुवाई वाली NCP के चार में से तीन सीटों पर हारने के बाद से उनके खेमे में उथल-पुथल की अटकलें हैं।
'महायुति' से बाहर निकलने की अटकले तेज
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मराठी साप्ताहिक में प्रकाशित आर्टिकल का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि इसके जरिए बीजेपी उप मुख्यमंत्री अजित पवार की NCP को महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ 'महायुति' से अलग होने का संदेश दे रही है।
वीकली 'विवेक' में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन के बाद भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जन भावना तेजी से उभरी है, जिसका नतीजा है कि महाराष्ट्र में हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा ने खराब प्रदर्शन किया।
NCP (एसपी) के प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने कहा कि लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसको एहसास हो गया है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन को जारी रखने से उसकी संभावनाओं को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि महाराष्ट्र की जनता ने बड़े पैमाने पर एनसीपी (शरद पवार) के पक्ष में मतदान किया है। बीजेपी भी इस पूरे मामले में सावधानी से काम कर रही है क्योंकि वह चुनाव जीतना चाहती है।"
क्रास्टो ने दावा किया, "लेकिन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ गठबंधन उन्हें लोकसभा चुनावों की तरह अगले चुनाव में भी हराएगा ... विवेक में छपा लेख उन तरीकों में से एक है जिनसे वे खुद को अजित पवार से दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और शायद किसी न किसी तरह से उन्हें (महायुति) छोड़ने के लिए कह रहे हैं।"