Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र का सियासी संकट शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस के डिप्टी सीएम बनने के बाद भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। शिवसेना एक बार फिर बागी विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दायर की है। याचिका में शिवसेना के 16 बागी विधायकों को विधानसभा से निलंबित करने और फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने की मांग की गई है।
याचिका में अयोग्यता पर फैसला आने तक फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने की मांग की गई है। शिवसेना के व्हीप प्रमुख सुनील प्रभु ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उन 15 अन्य विधायकों के सदन से निलंबन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर की गई हैं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इस मामले की 11 जुलाई को सुनवाई होगी। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने शिवसेना की याचिका को सुप्रीम कोर्ट में रखते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे कैंप का किसी के साथ विलय नहीं हुआ है।
सिब्बल ने कहा कि अब फ्लोर टेस्ट में दोनों पक्ष व्हिप जारी करेंगे। यह अवैध होगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि हमारी स्थिति पर नजर है। हमने अपने दरवाजे बंद नहीं किए हैं। वहां प्रक्रिया चलने दीजिए। 11 जुलाई को सुनवाई होगी।
एकनाथ शिंदे ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शाम साढ़े सात बजे के बाद दक्षिण मुंबई स्थित राजभवन में उन्हें पद की शपथ दिलाई।
शिंदे ने इस दौरान दिवंगत शिवसेना नेताओं बाल ठाकरे और आनंद दिघे को श्रद्धांजलि दी। उनकी शपथ पूरी होते ही उनके समर्थकों ने ठाकरे और दिघे की प्रशंसा में नारे लगाए। इससे पहले गुरुवार को बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि फडणवीस शिंदे के नेतृत्व में नई महाराष्ट्र मंत्रिपरिषद का हिस्सा होंगे। इससे कुछ मिनट पहले फडणवीस ने घोषणा की थी कि वह सरकार में शामिल नहीं होंगे।
फडणवीस ने उस समय सबको चौंका दिया जब उन्होंने घोषणा की कि शिंदे अगले मुख्यमंत्री होंगे। उनकी घोषणा ने इन उम्मीदों को खारिज कर दिया कि वह शिंदे गुट के समर्थन से मुख्यमंत्री पद पर वापसी करेंगे। शिंदे ने समारोह के बाद कहा कि महाराष्ट्र का विकास मेरी प्राथमिकता है। मैं समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलूंगा।