Maharashtra Crisis: शिवसेना (Shiv Sena) के बागी विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गुलाबराव पाटिल (Gulabrao Patil) ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) अपने 52 विधायकों को छोड़ चुके हैं, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। गुलाबराव पाटिल ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि बागी विधायक अवसरवादी नहीं थे और उन्होंने पार्टी और अपने नेता के लिए सब कुछ किया, जब वे ऐसा करने की स्थिति में भी नहीं थे।
गुलाबराव पाटिल ने गुवाहाटी में शिवसेना के अन्य बागी विधायकों को संबोधित करते हुए कहा, "उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास 'वर्षा' छोड़ दिया, उन्होंने 52 विधायकों को छोड़ दिया, उन्होंने सभी को छोड़ दिया, लेकिन वह शरद पवार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, "हमें जो कुछ भी मिला है, वो भी हमारी तरफ से किए गए बलिदानों के कारण है। हमने अपने घर का बलिदान दिया है। हम अवसरवादी नहीं हैं।"
पार्टी नेता संजय राउत की टिप्पणी के लिए कि "पाटिल को उनकी पान की दुकान पर वापस भेजा जाएगा", बागी विधायक ने कहा, "जब समय आएगा, मैं चूना लगाऊंगा।"
महाराष्ट्र का राजनीतिक संकट
शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व में पार्टी विधायकों के एक समूह की बगावत के कारण महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (MVA) सरकार के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है। गुलाबराव पाटिल भी बागी विधायकों के इस समूह में शामिल हैं।
ये विधायक शिवसेना प्रमुख से NCP और कांग्रेस के साथ संबंध तोड़ने का आग्रह कर रहे हैं। राज्य की महा विकास आघाड़ी (MVA) सरकार में शिवसेना के अलावा NCP और कांग्रेस भी शामिल है।
गौरतलब है कि शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे की अगुवाई में पार्टी के विधायकों के एक समूह ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ करीब एक हफ्ते पहले बगावत कर दी थी।
इसके बाद इन विधायकों को सूरत के होटल ले जाया गया था, जहां से विधायकों का यह समूह गुवाहाटी चला गया था। वहीं उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को शिवसेना के बागी विधायकों से मुंबई वापस लौटने और बातचीत करने की अपील की थी।