Maharashtra Crisis: उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली महाराष्ट्र सरकार की आज आखिरी उम्मीद भी टूट गई। सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव सरकार (Uddhav Thackeray) की याचिका खारिज करते हुए कल 30 जून को होने वाले बहुमत परीक्षण को रोकने से इनकार कर दिया। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 30 जून को महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) का विशेष सत्र बुलाने और उद्धव सरकार को अपना बहुमत साबित करने को कहा था। हालांकि महाराष्ट्र सरकार राज्यपाल के इस निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार रात करीब 9 बजे महाराष्ट्र सरकार याचिका को खारिज करते हुए फैसला सुनाया वह कल फ्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगा रहा।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक फेसबुक लाइव में अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उद्धव के इस्तीफा के साथ ही महाराष्ट्र में अब बहुमत परीक्षण की जरूरत नहीं रह गई है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कल 30 जून को महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं होगा।
आमतौर पर परंपरा रही है कि राज्यपाल स्पष्ट बहुमत नहीं होने की स्थिति में सबसे अधिक विधायकों वाली पार्टी के नेता को सरकार गठन का मौका देने के लिए सबसे पहले बुलाते हैं। फिलहाल बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसे में यह लगभग तय माना जा रहा है कि राज्यपाल अब जल्द ही बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुला सकते हैं। शिवसेना के बागी विधायक अपनी संख्या 50 तक बता रहे हैं। इनमें 39 बागी विधायकों के अलावा कुछ छोटी पार्टियों और निर्दलीय विधायक भी शामिल है। ऐसे में बीजेपी और शिवसेना के बागी गुट यानी एकनाथ शिंदे को एक साथ सरकार बनाने और बहुमत साबित करने में कोई दिक्कत नहीं आने वाली है।
बीजेपी ने बुलाई विधायक दल की बैठक
बीजेपी ने सरकार बनाने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बीजेपी के महाराष्ट्र अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और पार्टी के अन्य नेता मुंबई के ताज प्रेसिडेंट होटल में विधायक दल की बैठक के लिए पहुंच चुके हैं।