Maharashtra Political Crisis: अब भी नहीं सुलझा महाराष्ट्र का राजनीतिक संकट, SC ने बड़ी बेंच को भेजा मामला

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र राजनीतिक संकट मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि स्पीकर को राजनीतिक दल की तरफ से नियुक्त व्हिप को ही मान्यता देनी चाहिए। कोर्ट ने ये भी कहा कि शिंदे गुट के गोगावाले को शिवसेना पार्टी के चीफ व्हिप नियुक्त करने का स्पीकर का फैसला अवैध था। SC की पांच जजों की संविधान पीठ ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाया

अपडेटेड May 11, 2023 पर 1:08 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
SC ने बड़ी बेंच को भेजा महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट का मामला

Maharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट (SC) जून 2022 में महाराष्ट्र में शिवसेना (ShivSena) में दरार से पैदा हुए राजनीतिक संकट पर अपना फैसला सुनाया। इस घमासान से शिवसेना दो गुटों बंट गई- एक की कमान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) को मिली, तो दूसरा दल उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व में। शीर्ष अदालत के फैसले के महाराष्ट्र में 16 विधायकों की अयोग्यता का मामला अब बड़ी बेंच को जाएगा। कोर्ट ने कहा कि मामले में एक बड़ी बेंच के संदर्भ की जरूरत है।

महाराष्ट्र राजनीतिक संकट मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि स्पीकर को राजनीतिक दल की तरफ से नियुक्त व्हिप को ही मान्यता देनी चाहिए। कोर्ट ने ये भी कहा कि शिंदे गुट के गोगावाले को शिवसेना पार्टी के चीफ व्हिप नियुक्त करने का स्पीकर का फैसला अवैध था।

SC की पांच जजों की संविधान पीठ ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाया। SC ने विधायकों की अयोग्यता पर स्पीकर की शक्ति से जुड़े 2016 के नबाम रेबिया के पांच-जजों के फैसले को बड़ी बेंच को भेजे जाने के मामले का हवाला दिया।


SC का कहना है कि क्या अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव से अयोग्यता नोटिस जारी करने की उनकी शक्तियों पर रोक लगनी चाहिए? ऐसे मुद्दों और सवालों की जांच भी जरूरी है।

महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर SC के फैसले की बड़े बातें:

  • - CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, “सदन या राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों को आम लोग चुनते हैं। जब कोई भी पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाती है, तो गठबंधन किया जाता है। ये मानना ​​कि विधायक दल ही व्हिप नियुक्त करता है, तो राजनीतिक दल के इस भ्रम को तोड़ना होगा। इसका मतलब है कि विधायकों का गुट राजनीतिक दल से अलग हो सकता है। पीपी की तरफ से व्हिप नियुक्त किया जाना, जो कि 10वीं अनुसूची के लिए अहम है।" उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा अध्यक्ष को शिवसेना के भीतर विभाजन के बारे में पता था।
  • - सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, “स्पीकर ने एकनाथ शिंदे के बयान का संज्ञान लेते हुए ये पहचानने की कोशिश नहीं की कि व्हिप कौन था। उन्हें इसकी जांच करनी चाहिए थी। भरत गोगावाले को चीफ व्हिप नियुक्त करने का फैसला अवैध था, क्योंकि व्हिप केवल विधायक राजनीतिक दल की तरफ से ही नियुक्त किया जा सकता है।”
  • - CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा, "फ्लोर टेस्ट का इस्तेमाल पार्टी के भीतर के विवाद के समाधान के लिए नहीं किया जा सकता है।"
  •  - उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुटों की क्रॉस-याचिकाओं के एक बैच पर फैसला सुनाते हुए, SC ने कहा कि राज्यपाल को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए MVA सरकार को बुलाना सही नहीं था। CJI ने कहा, "राज्यपाल के काम कानून के शासन के अनुसार नहीं थे।"
  • - सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे का इस्तीफा एक गलती थी। CJI की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि अगर ठाकरे ने इस्तीफा नहीं दिया होता, तो अदालत यथास्थिति बहाल कर देती। बेंच ने कहा, "ठाकरे के इस्तीफा देने के बाद से यथास्थिति बहाल नहीं की जा सकती है।"
  •  - CJI की बेंच ने माना कि भले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए MVA सरकार को बुलाना ठीक नहीं था, लेकिन उद्धव ठाकरे के इस्तीफा देने के बाद अब अदालत यथास्थिति बहाल नहीं कर सकती है।
  • - सुप्रीम कोर्ट ने 16 शिवसेना विधायकों (शिंदे गुट) की अयोग्यता की मांग वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि ये असाधारण परिस्थिति है, जो अदालत को मामले में कार्यवाही का फैसला करने के लिए वारंट करती है। SC ने आगे स्पीकर को अयोग्यता कार्यवाही तय करने के लिए कहा।

दिल्ली का असली बॉस कौन? अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के ऑर्डर पर SC ने सुनाया अहम फैसला

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली एक संविधान पीठ ने इस मामले पर सुनवाई कर रही थी। इस बेंच में जस्टिस कृष्ण मुरारी, एमआर शाह, हिमा कोहली और पीएस नरसिम्हन शामिल हैं। बेंच ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुटों की तरफ से दायर क्रॉस-याचिकाओं के एक बैच पर ये फैसला सुनाया है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।