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Maharashtra Political Crisis: शिवसेना विधायकों के विद्रोह के तुरंत बाद 22 जून को ही इस्तीफा देना चाहते थे उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के बागी विधायकों को फौरी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने एकनाथ शिंदे वाले बागी गुट को 11 जुलाई तक अयोग्य करार देने से रोक लगा दी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 28, 2022 पर 10:37 AM
Maharashtra Political Crisis: शिवसेना विधायकों के विद्रोह के तुरंत बाद 22 जून को ही इस्तीफा देना चाहते थे उद्धव ठाकरे
सूत्रों ने बताया कि NCP प्रमुख शरद पवार के कहने पर ठाकरे ने अपना मन बदल लिया

Maharashtra Political Crisis: शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के बागी तेवरों के बाद महा विकास अघाडी (MVA) सरकार की स्थिरता पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना विधायकों के विद्रोह के तुरंत बाद सीएम पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया था।

सूत्रों ने बताया, 22 जून को जब एकनाथ शिंदे अपने समर्थकों के साथ सूरत चले गए थे, उसी दिन शाम 5 बजे फेसबुक लाइव में उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया था। लेकिन महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के एक बड़े नेता के कहने पर उन्होंने अपना फैसला टाल दिया।

शरद पवार के कहने पर बदल लिया मन

सूत्रों ने बताया कि विशेष रूप से एनसीपी प्रमुख शरद पवार के कहने पर ठाकरे ने अपना मन बदल लिया। इसी वजह से उस दिन फेसबुक लाइव आधे घंटे की देरी से शुरू हुआ था। अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं, लेकिन बागी विधायकों को मुंबई आना होगा। इसके कुछ घंटे बाद उद्धव ठाकरे ने परिवार समेत आधिकारिक सीएम आवास वर्षा छोड़ दिया था और अपने निजी आवास मातोश्री में शिफ्ट हो गए।

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