Delhi Excise Policy Scam Case: दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने सनसनीखेज दावा करते हुए आरोप लगाया है कि आबकारी घोटाला मामले में अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने 23 मई को उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। सिसोदिया के साथ कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों के दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायत पर दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को अधिकारियों को उस दिन की कोर्ट परिसर की CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सिसोदिया के आरोपों के बाद दिल्ली पुलिस ने आवेदन दायर कर उन्हें केवल वीडियो कॉन्फ्रेंस (VC) के माध्यम से कोर्ट में पेश करने के लिए अदालत की अनुमति मांगी। पुलिस ने सिसोदिया को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश करने का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें अदालत में लाने से परिसर में AAP समर्थकों और मीडिया की मौजूदगी के कारण अराजकता पैदा होती है।
इसके बाद मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज एम.के. नागपाल ने दोनों आवेदनों पर फैसला लंबित रहने तक सिसोदिया को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश करने का निर्देश दिया। सिसोदिया को आज (1 जून) वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश किया गया। दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री को आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं।
क्या है सिसोदिया पर आरोप?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को 9 मार्च को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था जहां वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। 51 वर्षीय आम आदमी पार्टी के नेता को सबसे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया था, जो आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने नए चार्जशीट में कहा है कि दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 को आम आदमी पार्टी नेतृत्व विशेष रूप से पूर्व आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया 'अवैध धन का लगातार सृजन करने के लिए लाए थे।' अब इस दिल्ली आबकारी नीति को रद्द किया जा चुका है।
एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी ने दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम सिसोदिया पर मामले में शामिल एक अभियुक्त से 'रिश्वत' प्राप्त करने का भी आरोप लगाया। साथ ही धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत इन्हें 'अपराध से सृजित आय' करार दिया।
चार्जशीट में कहा गया है कि सिसोदिया ने अपराध की आय (2.2 करोड़ रुपये) हासिल की और उसी को छुपाने में शामिल हैं। ED ने सिसोदिया पर जांच को बाधित करने और सबूत मिटाने के लिए डिजिटल सबूतों को नष्ट करने में शामिल होने का भी आरोप लगाया है।