जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने बुधवार (15 मार्च) को पुंछ जिले में अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रसिद्ध नवग्रह मंदिर (Navagraha temple) में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने पूरे मंदिर की परिक्रमा की और शिवलिंग का जलाभिषेक भी किया। उन्होंने मंदिर परिसर में बनी यशपाल शर्मा की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा भी की। PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती जम्मू के पुंछ जिले के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इसी दौरान उन्होंने पुंछ सीमा पर स्थित नवग्रह मंदिर पहुंचीं। पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने पूरे मंदिर का चक्कर लगाया और शिवलिंग पर जल भी चढ़ाया।
महबूबा मुफ्ती ने जिस नवग्रह मंदिर का दौरा किया, इसका निर्माण पीडीपी के पूर्व एमएलसी यशपाल शर्मा ने करवाया था। मंदिर के अंदर यशपाल शर्मा की प्रतिमा लगाई गई है। शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए पूर्व सीएम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
महबूबा मुफ्ती का मंदिर जाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जम्मू-कश्मीर विंग को अच्छी नहीं लगी। बीजेपी ने उनकी मंदिर यात्रा को 'राजनीतिक नौटंकी' बताया। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता रणवीर सिंह ने कहा कि ये पीडीपी प्रमुख की एक मात्र नौटंकी है।
उन्होंने कहा कि 2008 में महबूबा मुफ्ती और उनकी पार्टी ने अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड को भूमि आवंटन का विरोध किया था। महबूबा मुफ्ती की पार्टी ने तीर्थयात्रियों के लिए हट के निर्माण के लिए श्राइन बोर्ड को भूमि के अस्थायी ट्रांसफर की अनुमति नहीं दी थी।
बीजेपी प्रवक्ता रणवीर सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की नौटंकी से कुछ हासिल होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक नौटंकी बदलाव ला सकती तो आज जम्मू-कश्मीर समृद्धि का बाग होता।
इस बीच, बीजेपी के अलावा महबूबा मुफ्ती के मंदिर जाने का विरोध मुस्लिम धर्मगुरु भी कर रहे हैं। देवबंद के उलेमा मौलाना असद कासमी ने कहा, "महबूबा मुफ्ती ने जो किया वह सही नहीं है। वह इस्लाम के खिलाफ है।"