US Ambassador in India: एरिक गार्सेटी होंगे भारत में अमेरिका के नए राजदूत, दो साल बाद हुई नियुक्ति

US Ambassador in India: अमेरिकी सीनेट ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के निकट सहयोगी एवं लॉस एंजिलिस के पूर्व मेयर एरिक गार्सेटी (Eric Garcetti) की भारत के नए राजदूत के रूप में नियुक्ति की बुधवार को पुष्टि कर दी। गार्सेटी अब भारत में अमेरिका के नए राजदूत होंगे। यह अहम राजनयिक पद दो साल से अधिक समय से खाली पड़ा है। केनेथ जस्टर भारत में अमेरिका के आखिरी राजदूत थे, जो जनवरी 2021 तक इस पद पर बने रहे थे

अपडेटेड Mar 16, 2023 पर 10:24 AM
Eric Garcetti अब भारत में अमेरिका के अगले राजदूत होंगे

US Ambassador in India: अमेरिकी सीनेट ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के निकट सहयोगी एवं लॉस एंजिलिस के पूर्व मेयर एरिक गार्सेटी (Eric Garcetti) की भारत के नए राजदूत के रूप में नियुक्ति की बुधवार को पुष्टि कर दी। गार्सेटी अब भारत में अमेरिका के अगले राजदूत होंगे। यह अहम राजनयिक पद दो साल से अधिक समय से खाली पड़ा है। केनेथ जस्टर भारत में अमेरिका के आखिरी राजदूत थे, जो जनवरी 2021 तक इस पद पर बने रहे थे।

भारत में अमेरिका के अगले राजदूत के तौर पर एरिक गार्सेटी के नामांकन पर सीनेट में बुधवार को मतदान हुआ। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में जुलाई 2021 से ही गार्सेटी का नामांकन लंबित था। उस समय उन्हें राष्ट्रपति बाइडेन ने इस प्रतिष्ठित राजनयिक पद के लिए नामित किया था।

पिछले सप्ताह सीनेट की विदेश मामलों की समिति ने अपनी कार्य मंत्रणा बैठक में आठ के मुकाबले 13 मतों से गार्सेटी के पक्ष में मतदान किया था। व्हाइट हाउस ने हाल ही में एरिक गार्सेटी का समर्थन करते हुए कहा था कि वह भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में काम करने के योग्य हैं।


संसदीय समिति में शामिल रिपब्लिकन पार्टी के एक सांसद ने गार्सेटी के नामांकन पर रोक लगा दी थी, जिसके चलते इस मामले पर समिति में मतदान स्थगित कर दिया गया था। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लॉस एंजेलिस के पूर्व मेयर 52 वर्षीय गार्सेटी को जुलाई 2021 में भारत में अमेरिकी राजदूत नामित किया था।

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उनके नामांकन के प्रस्ताव को अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में पेश नहीं किया गया था, क्योंकि सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के पास उनकी नियुक्ति के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं था। मेयर कार्यालय में कुछ कर्मचारियों ने गार्सेटी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके चलते रिपब्लिकन और उनके अपने दल के कुछ सदस्य उनके नामांकन का विरोध कर रहे थे।

हालांकि, उनके नामांकन पर से रोक हटा दी गई थी, लेकिन संसद ने उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई थी। बाइडेन ने इस साल जनवरी में गार्सेटी को फिर से भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर नामित किया था। भारत में अमेरिकी राजदूत के पद पर फैसला दो साल से अधिक समय से लंबित था।

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