'मोहन भागवत का भारत में घूमना-फिरना मुश्किल हो जाएगा', खड़गे ने RSS प्रमुख को क्यों दी चेतावनी?

Mohan Bhagwat Remark Row: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि 'प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में मनाई जानी चाहिए क्योंकि अनेक सदियों से दुश्मन का आक्रमण झेलने वाले देश को 'सच्ची स्वतंत्रता' इस दिन मिली थी। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी बुधवार को आरोप लगाया कि मोहन भागवत का यह बयान राजद्रोह के समान है

अपडेटेड Jan 15, 2025 पर 4:36 PM
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Mohan Bhagwat Remark Row: कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि देश में मोहन भागवत का घूमना-फिरना मुश्किल हो जाएगा

Mohan Bhagwat Remark Row: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के 'सच्ची स्वतंत्रता' वाले बयान की तीखी आलोचना की है। खड़गे बुधवार (15 जनवरी) को RSS मुखिया को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मोहन भागवत इसी तरह का बयान देते रहे तो देश में उनका घूमना-फिरना मुश्किल हो जाएगा। भागवत ने सोमवार को कहा था कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि 'प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में मनाई जानी चाहिए क्योंकि अनेक सदियों से दुश्मन का आक्रमण झेलने वाले देश को 'सच्ची स्वतंत्रता' इसी दिन मिली थी।

खड़गे ने कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के बाद पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आरएसएस और बीजेपी के लोगों को (1947 में मिली) आजादी याद नहीं है क्योंकि उनके वैचारिक पूर्वजों का स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं है। कांग्रेस प्रमुख ने भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि यह शर्म की बात है कि आजादी मिलने के बाद वह इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

पीटीआई के मुताबिक उन्होंने आरएसएस और बीजेपी का उल्लेख करते हुए कहा, "(आजादी के लिए) वो कभी लड़े नहीं, कभी जेल नहीं गए, इसलिए उन्हें आजादी के बारे में कुछ याद ही नहीं है... हमारे लोग लड़े थे, जान गंवाई थी, इसलिए हम आजादी को याद करते हैं।" खड़गे ने कहा, 'भागवत के बयान की मैं निंदा करता हूं और वह अगर ऐसे ही बयान देते रहे तो हिंदुस्तान में उनका घूमना-फिरना बड़ा मुश्किल हो जाएगा।"


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कांग्रेस के नए मुख्यालय के बारे में पार्टी अध्यक्ष ने कहा, "यह बहुत खुशी की बात है कि यह दफ्तर उसी इलाके में बना है जहां हमारे नायकों ने सोचा था।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय देश के लिए लोकतंत्र की पाठशाला है।

राहुल गांधी भी हुए हमलावर

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान राजद्रोह के समान है कि भारत को सच्ची स्वतंत्रता राम मंदिर बनने के बाद मिली। राहुल ने पार्टी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के अवसर पर पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भागवत ने जो कहा है वह हर भारतीय का अपमान है। किसी दूसरे देश में ऐसा होने पर तो भागवत अब तक गिरफ्तार किए जा चुके होते।

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राहुल गांधी ने कहा, "भागवत ने जो कहा है वह राजद्रोह के समान है क्योंकि उनके कहने का मतलब है कि संविधान अवैध है, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई अवैध है... किसी दूसरे देश में तो अब तक उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता और उन पर मुकदमा चलाया जाता।" उन्होंने कहा कि भागवत का यह बयान हर भारतीय का अपमान है। राहुल गांधी ने कहा कि अब समय आ गया है जब इस तरह की बकवास सुनना बंद होना चाहिए।

उन्होंने कहा, "दो विचारों के बीच लड़ाई है। एक हमारा विचार है जो संविधान का विचार है और दूसरी तरफ आरएसएस का विचार है जो इसके उलट है।" कांग्रेस नेता ने कहा, "देश में कोई दूसरा दल नहीं है जो भाजपा और आरएसएस के एजेंडे को रोक सके। सिर्फ कांग्रेस ही इन्हें रोक सकती है क्योंकि हम एक विचारधारा वाली पार्टी हैं।"

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