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One Nation One Election: 1971 से पहले एक साथ होते थे लोकसभा-विधानसभा चुनाव, फिर इंदिरा गांधी ने क्यों बदली ये व्यवस्था?

One Nation One Election: इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की कांग्रेस का तब लोकसभा में अपना बहुमत नहीं था। सन 1969 में कांग्रेस में महा विभाजन के बाद अपनी सरकार को बचाने के लिए इंदिरा गांधी कुछ दलों पर निर्भर थीं। नतीजतन वह स्वतंत्र निर्णय नहीं कर पा रही थीं। ऐसे में इंदिरा को न सिर्फ गिरती कांग्रेस को संभालना था, बल्कि उसमें अपने कद को भी बरकरार रखने की चुनौती थी

Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 14, 2024 पर 4:03 PM
One Nation One Election: 1971 से पहले एक साथ होते थे लोकसभा-विधानसभा चुनाव, फिर इंदिरा गांधी ने क्यों बदली ये व्यवस्था?
कांग्रेस की इंदिरा गांधी सरकार ने 1971 में समय से एक साल पहले ही लोकसभा चुनाव करवा कर, विधानसभा चुनावों से लोकसभा चुनाव को अलग कर दिया

One Nation One Election: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) की अध्यक्षता वाली एक हाई लेवल कमेटी ने गुरुवार को लोकसभा (Lok Sabha) और राज्य विधानसभाओं (Assembly) के लिए एक साथ चुनाव (Election) कराने की सिफारिश की। साथ ही इसमें 100 दिनों के भीतर एक साथ स्थानीय निकाय चुनाव कराने की भी सिफारिश की गई है। समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 18000 से ज्यादा पेज की अपनी रिपोर्ट सौंपी है। समिति ने इसमें कहा है कि एक साथ चुनाव कराए जाने से विकास प्रक्रिया और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा मिलेगा, लोकतांत्रिक परंपरा की नींव गहरी होगी और "इंडिया जो कि भारत है" की आकांक्षाओं को साकार करने में मदद मिलेगी।

समिति ने सिफारिश की है कि भारत निर्वाचन आयोग राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से सिंगल वोटर लिस्ट और मतदाता पहचान पत्र तैयार करे। इसके अलावा समिति ने कई संवैधानिक संशोधन की सिफारिश भी की है, जिनमें से ज्यादातर के लिए राज्यों की मंजूरी की भी जरूरत नहीं होगी।

आज 'एक देश एक चुनाव' को लेकर बहस काफी तेज हो गई है। इस फैसला का सबसे ज्यादा विरोध कांग्रेस करती है। क्योंकि उसका मानना है कि अगर ऐसा होता है, तो बचेकुचे राज्यों से भी उसकी सत्ता छिन सकती है। जबिक सत्ताधारी BJP का पक्ष है कि इससे अलग-अग चुनावों में होने वाले खर्च में कटौती की जा सकती है।

जब कांग्रेस ने बदल दिया एक साथ चुनाव का पैटर्न

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