Parliament No-Confidence Motion Debate Day 3: मणिपुर में भड़की हिंसा पर सरकार को घेरने के लिए विपक्षी पार्टियों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi to reply in Lok Sabha) ने गुरुवार को लोकसभा में जवाब दिया। विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी से मणिपुर के मुद्दे पर संसद में बोलने की मांग कर रहा था। संसद में तीन दिनों से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। पिछले दो दिनों के दौरान संसद में तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सरकार पर मणिपुर में बड़ा विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। वहीं, सरकार ने मुख्य रूप से अपने कल्याण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपना बचाव किया है।
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें:-
अमित शाह दे चुके हैं जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना महामारी और नशीली दवाओं के खतरे से लड़ने के मामले में केंद्र का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने मणिपुर हिंसा को संबोधित करने में सरकार के प्रयासों को भी स्पष्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव "लोगों को गुमराह करने" के लिए लाया गया है। शाह ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया।
बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसदी बहाली के बाद पहली बार संसद में भाषण दिया। मणिपुर हिंसा को लेकर गांधी ने सरकार से कई तीखे सवाल पूछे। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने मणिपुर को दो हिस्सों में बांट दिया है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल के सवालों का जवाब दिया और इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी पलटवार किया। अमित शाह ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पीएम मोदी ने मणिपुर के हालात की पल पल की खबर ली है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
'घटना पर राजनीति करना शर्मनाक'
अमित शाह ने कहा कि मणिपुर की घटना शर्मनाक है, लेकिन उस पर राजनीति करना उससे भी ज्यादा शर्मनाक है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा वहां जनसांख्यिकी में बदलाव करने की कतई नहीं है, ऐसे में सभी पक्षों को मिलकर उस राज्य में शांति बहाली की अपील करनी चाहिए। शाह ने मणिपुर से जुड़े घटनाक्रम का पूरा डिटेल्स में ब्यौरा दिया और सरकार द्वारा वहां शांति स्थापित करने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने मणिपुर में सभी पक्षों से हिंसा छोड़ने की अपील की और कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। शाह ने कहा कि यह भ्रांति देश की जनता के सामने फैलाई गई है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है। मैं यह साफ करना चाहता हूं कि सत्र आहूत होने से पहले मैंने पत्र लिखकर मणिपुर पर चर्चा के लिए कहा था।
अमित शाह से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका 'अहंकार देश को वैसे ही जला रहा है, जैसे रावण के अहंकार ने लंका को जला दिया था।' सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दूसरे दिन उन्होंने कहा, "अगर हम लोगों की आवाज सुनना चाहते हैं, तो हमें अपने अहंकार को कुचलना होगा। लंका को हनुमान ने नहीं जलाया, बल्कि इसे रावण के अहंकार ने जलाया था। राम ने रावण को नहीं मारा बल्कि रावण के अहंकार ने उसे मारा।"
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, ''आप पूरे भारत में मिट्टी का तेल फेंक रहे हैं। आपने मणिपुर में मिट्टी का तेल फेंका और फिर आग लगा दी। अब आप हरियाणा में ऐसा कर रहे हैं। आप पूरे भारत को जलाने की कोशिश कर रहे हैं और आप भारत को मारने की कोशिश कर रहे हैं।'' संसद में अपना भाषण शुरू करने से पहले राहुल गांधी ने सबसे पहले उनकी सदस्यता दोबारा बहाल करने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को धन्यवाद दिया।