Get App

74 साल की उम्र, न फलाहार न व्रत का कोई खाना, युवा दिनों से ही नवरात्रि में सिर्फ पानी पीते आ रहे हैं PM मोदी, पढ़िए ये अनोखा किस्सा

ये बात अक्टूबर 2001 की है। ये वही महीना था जब नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, शपथ ग्रहण की तारीख थी 7 अक्टूबर। उसके 10 दिनों बाद ही 17 अक्टूबर 2001 से शारदीय नवरात्रि शुरु हुई थी। इसी नवरात्रि के दौरान मोदी गुजरात के मु्ख्यमंत्री के तौर पर पहली बार कच्छ गये

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 04, 2024 पर 8:54 PM
74 साल की उम्र, न फलाहार न व्रत का कोई खाना, युवा दिनों से ही नवरात्रि में सिर्फ पानी पीते आ रहे हैं PM मोदी, पढ़िए ये अनोखा किस्सा
युवा दिनों से ही नवरात्रि में सिर्फ पानी पीते आ रहे हैं PM नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर किये गये इस Podcast को देखने के बाद एक परिचित का फोन आया, बोले मोदी जी नवरात्रि के दौरान सिर्फ पानी पीकर नौ दिन रहते हैं, हमको तो लगा कि वो फलाहार करते होंगे। उनको मैंने एक किस्सा सुनाया, जो मुझे कभी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक दिलीप देशमुख ने सुनाया था। ये बात अक्टूबर 2001 की है। ये वही महीना था जब नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, शपथ ग्रहण की तारीख थी 7 अक्टूबर। उसके 10 दिनों बाद ही 17 अक्टूबर 2001 से शारदीय नवरात्रि शुरु हुई थी। इसी नवरात्रि के दौरान मोदी गुजरात के मु्ख्यमंत्री के तौर पर पहली बार कच्छ गये।

कच्छ में उसी साल की जनवरी में वो भयावह भूकंप आया था, जिसने दस हजार से भी अधिक लोगों की जान ली थी। कच्छ में राहत- पुनर्वास के काम को गति देने में लगे थे मोदी। उसी सिलसिले में नवरात्रि के दौरान भी कच्छ के दौरे पर थे मोदी। वहां पर उनसे संघ के एक प्रचारक मिले, जो कच्छ में रह रहे थे।

प्रचारक ने उन्हें प्रसाद एक पुड़िया में दी, जो उस मंदिर से आई थी, जिसके कार्यक्रम में आने के लिए मोदी को न्यौता दिया गया था, लेकिन वो भूंकप राहत कार्यों की व्यस्तता की वजह से नहीं जा पाए थे। मोदी प्रचारक मित्र से मुलाकात के वक्त व्यस्त थे। इसलिए चुपचाप प्रसाद लिया, कुछ कहा नहीं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें