महाराष्ट्र के पात्रा चॉल घोटाले में गिरफ्तार शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut Arrested) को PMLA कोर्ट ने 4 अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेज दिया है। हालांकि, ED ने कोर्ट से संजय की 8 दिनों की कस्टडी मांगी थी। ईडी ने कहा कि उसके पास संजय के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, ऐसे में उसे संजय से पूछताछ के लिए और समय चाहिए।
इसके बाद संजय राउत को PMLA कोर्ट ने 4 अगस्त तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया। ED ने अदालत में कहा कि हमने 3 बार समन भेजा, लेकिन राउत जानबूझकर पेश नहीं हुए। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़े सबूतों से भी छेड़छाड़ की गई है।
रविवार देर रात किया गया गिरफ्तार
लगभग 1,000 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल घोटाले में लंबी पूछताछ के बाद संजय राउत को रविवार (31 जुलाई) देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई के एक चॉल के पुनर्विकास में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में राउत को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी से पहले ईडी ने राउत के आवास पर करीब 9 घंटे तक छापेमारी की, जिसमें 11.5 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।
इसके बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता एवं राज्यसभा सदस्य 60 वर्षीय राउत को दक्षिण मुंबई के बेलार्ड एस्टेट में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में 6 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद आधी रात को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने दावा किया कि राउत जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत रविवार देर रात 12:05 बजे गिरफ्तार किया गया।
एजेंसी की एक टीम रविवार को मुंबई के भांडुप इलाके में उनके आवास पर पहुंची थी, जहां उन्होंने तलाशी ली। इस दौरान राउत से लंबी पूछताछ हुई। इसके बाद रविवार शाम को उन्हें एजेंसी के स्थानीय कार्यालय में पूछताछ के लिए लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान टीम ने 11.5 लाख रुपये नकद भी जब्त किए।
जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि राउत जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए दो समन भेजे थे, लेकिन वो पेश नहीं हुए। राउत को मुंबई के एक चॉल के पुनर्विकास और उनकी पत्नी एवं अन्य सहयोगियों की संलिप्तता वाले संबंधित लेन-देन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने तलब किया था।
आपको बता दें कि 60 वर्षीय शिवसेना नेता राउत चार बार के फायरब्रांड सांसद और शिवसेना के संसदीय दल के नेता हैं। राउत पर यह कार्रवाई महाराष्ट्र के 1,034 करोड़ के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में की गई है। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत 1,034 करोड़ रुपये का मामला दर्ज किया गया है।
ईडी की यह जांच पात्रा चॉल के पुनर्विकास और उनकी पत्नी एवं कथित सहयोगियों की संलिप्तता वाले वित्तीय संपत्ति लेनदेन में अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है। अप्रैल में ईडी ने इस जांच के तहत उनकी पत्नी वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।
कुर्क की गई संपत्ति में संजय राउत के सहयोगी और गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक प्रवीण एम. राउत की पालघर, सफले (पालघर में शहर) और पड़घा (ठाणे जिले में) में स्थित जमीन शामिल है।
ED ने कहा था कि इन संपत्ति में मुंबई के उपनगर दादर में वर्षा राउत का एक फ्लैट और अलीबाग में किहिम बीच पर आठ भूखंड हैं जो संयुक्त रूप से वर्षा राउत और संजय राउत के करीबी सहयोगी सुजीत पाटकर की पत्नी स्वप्ना पाटकर के हैं।