Prajwal Revanna Sexual Harassment Case: विदेश जाने के ठीक एक महीने बाद सेक्स स्कैंडल में फंसे कर्नाटक के हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने कहा है कि वह 31 मई को विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। बता दें कि विशेष जांच दल, JDS सांसद पर लगे कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों की जांच कर रहा है। कन्नड़ टीवी चैनल एशियानेट सुवर्ण न्यूज पर प्रसारित वीडियो बयान में प्रज्वल रेवन्ना ने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से शुक्रवार, 31 मई को सुबह 10 बजे SIT के सामने पेश होकर जांच में सहयोग करूंगा और इनपर (आरोपों पर) जवाब दूंगा। मुझे न्यायालय पर भरोसा है और विश्वास है कि मैं कोर्ट के माध्यम से झूठे मामलों में पाक-साफ साबित होउंगा।"
प्रज्वल की पार्टी जनता दल सेक्युलर (JDS) या उनके परिवार की ओर से तत्काल इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई है। पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "भगवान, जनता और परिवार का आशीर्वाद मुझ पर बना रहे। मैं निश्चित रूप से शुक्रवार 31 मई को SIT के सामने उपस्थित होऊंगा। आने के बाद मैं यह सब खत्म करने की कोशिश करूंगा। मुझ पर विश्वास रखें।"
JDS प्रमुख तथा पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते और हासन लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार 33 वर्षीय प्रज्वल रेवन्ना पर कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगे हैं।
27 अप्रैल को देश से हुए थे फरार
हासन लोकसभा सीट पर मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को प्रज्वल कथित तौर पर जर्मनी चले गए थे। वह अब भी फरार हैं। SIT ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के माध्यम से इंटरपोल से प्रज्वल के ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसको लेकर इंटरपोल 'ब्लू कॉर्नर नोटिस' जारी कर चुका है।
सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए गठित एक विशेष अदालत ने SIT के आवेदन दायर करने के बाद 18 मई को प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने केंद्र सरकार से प्रज्वल का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने का आग्रह किया है।
प्रज्वल पर दर्जनों महिलाओं के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने के लिए त्वरित और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। कर्नाटक सरकार ने सांसद के खिलाफ यौन शोषण के अनेक आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने भी अदालत की ओर से प्रज्वल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के आधार पर उसका राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने के संबंध में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा था।