BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग लेकर अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें पटना के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती में कराया। किशोर के आमरण अनशन का आज छठा दिन है और वे पिछले छह दिनों से सिर्फ पानी पर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लिक्विड डाइट पर रहने के कारण उनकी स्थिति गंभीर है और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पीके आमरण अनशन कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो प्रशांत किशोर की पत्नी जाह्नवी दास को दिल्ली से पटना बुलाया गया है। जाह्नवी पेशे से एक डॉक्टर हैं। बताया जा रहा है कि अनशन पर अड़े प्रशांत किशोर मुंह के जरिए दवा तक नहीं ले रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि प्रशांत किशोर मनाने के लिए ही उनकी पत्नी को दिल्ली से पटना बुलाया गया है और वह देर शाम तक पहुंच जाएंगी।
इससे पहले पटना के एक प्राइवेट अस्पताल के एक डॉक्टर ने आज सुबह किशोर के घर जाकर उनका हेल्थ चेकअप किया। उन्होंने बताया 'उन्हें चिकित्सा संबंधी कुछ समस्याएं हैं, जिनकी गहन जांच की जरूरत है। हम उन्हें गहन चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जा रहे हैं।
आमरण अनशन कर रहे किशोर को इंफेक्शन, डिहाइड्रेशन, कमजोरी और बेचैनी की समस्या है। उनको एक एंबुलेंस में प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने 'अवैध' अनशन के लिए गया था गिरफ्तार
किशोर को सोमवार को पुलिस ने 'अवैध' आमरण अनशन के लिए गिरफ्तार किया था। यहां की एक अदालत से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के कुछ घंटों बाद उन्हें 'बिना शर्त' जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इससे पहले, किशोर ने जमानत की शर्तों को 'अनुचित' बताते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे किशोर को सोमवार की सुबह गिरफ्तार किया गया था।
उनके खिलाफ पिछले हफ्ते दर्ज की गई FIR के अनुसार, उन्होंने पटना उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए गांधी मैदान में 'आमरण अनशन' किया।
पटना जिला प्रशासन ने शहर के गर्दनीबाग इलाके के अलावा किसी और जगह पर इस तरह के विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा रखी है ।
अस्पताल जाने से पहले किशोर ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, 'मेरा आमरण अनशन जारी रहेगा।'
BPSC की ओर से 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के आरोपों के बीच, इस परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का किशोर ने समर्थन किया है।
पूर्व चुनाव रणनीतिकार किशोर ने 30 दिसंबर को इस मुद्दे को लेकर पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन किया था जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार की थी। इसके बाद किशोर ने अपने एक पार्टी सहयोगी को एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा से बात करने के लिए भेजा था, लेकिन गतिरोध दूर नहीं हुआ।
इसके बाद, किशोर ने दो जनवरी को 'आमरण अनशन' शुरू किया और 13 दिसंबर की परीक्षा रद्द करने के अलावा पिछले एक दशक में राज्य में हुए सभी प्रश्नपत्र लीक पर 'श्वेत पत्र' जारी किए जाने और एक 'आवासीय नीति' बनाने की भी मांग की, ताकि दो तिहाई सरकारी पद बिहार के लोगों के लिए आरक्षित हो सकें।