बिहार (Bihar) में विपक्षी गुट सत्तारूढ़ NDA को ये संदेश देने चाहता है कि राज्य में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बिना भी I.N.D.I.A. गुट मजबूती से एक साथ खड़ा है। इसी मकसद से जल्द एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के साथ मंच साझा करेंगे। ये महारैली मार्च होने वाली है, जिसमें CPI(M) महासचिव सीताराम येचुरी, और उनके CPI और CPI(ML) समकक्ष डी राजा और दीपांकर भट्टाचार्य भी शामिल होंगे।
बुधवार को एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "इसे जन विश्वास महारैली कहा जाएगा।" जून 2023 में I.N.D.I.A. ब्लॉक का गठन हुआ था। उसके बाद से यह पहली बार होगा, जब राहुल और लालू किसी रैली में मंच साझा करेंगे।
विपक्ष को महारैली में अच्छी भीड़ की उम्मीद
इस साल जनवरी में ED के समन के कारण लालू और उनके बेटे तेजस्वी प्रसाद पूर्णिया में राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल नहीं हो पाए थे। बिहार के सीएम नीतीश कुमार 28 जनवरी को ही NDA खेमे में चले गए थे। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी पिछले हफ्ते रोहतास में राहुल की जनसभा में शामिल हुए थे।
जगदानंद सिंह ने कहा, 'I.N.D.I.A. ब्लॉक की मेगा रैली लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेगी। हम बहुत अच्छी भीड़ की उम्मीद कर रहे हैं।''
India Express के मुताबिक, RJD के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता ने बताया, “तेजस्वी प्रसाद यादव ने विश्वास मत के दौरान बिहार विधानसभा में सही कहा था कि RJD, कांग्रेस और तीन वाम दल बिहार में एक दुर्जेय राजनीतिक संयोजन साबित होंगे। नीतीश कुमार के साथ हमेशा विश्वास की कमी रही है। उनका I.N.D.I.A. ब्लॉक से बाहर जाना अच्छी मुक्ति है।"
कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि राहुल की दो महीने में तीन बार बिहार यात्रा से कैडर का मनोबल बढ़ेगा और राष्ट्रीय विपक्षी गठबंधन को ऊर्जा मिलेगी।