Manipur Violence: राहुल गांधी मणिपुर के दो दिवसीय दौरे के लिए इंफाल पहुंचे, राहत कैंपों में सुनेंगे हिंसा पीड़ितों का दर्द

Rahul Gandhi in Manipur: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पूर्वोत्तर के हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर के अपने दो दिवसीय दौरे के लिए गुरुवार को इंफाल पहुंचे। एयरपोर्ट से वह चुराचांदपुर जिले के लिए रवाना हुए, जहां वह पिछले महीने की शुरुआत में पूर्वोत्तर राज्य में हुई जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों से मिलने के लिए राहत शिविरों का दौरा करेंगे। बता दें कि मणिपुर में इस साल मई में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से 300 से अधिक राहत शिविरों में करीब 50,000 लोग रह रहे हैं

अपडेटेड Jun 29, 2023 पर 12:49 PM
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Rahul Gandhi in Manipur: मणिपुर में 3 मई को शुरू हुई हिंसा के बाद से यह कांग्रेस नेता का पूर्वोत्तर के इस राज्य का पहला दौरा है

Manipur Violence: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi in Manipur) पूर्वोत्तर के हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर के अपने दो दिवसीय दौरे के लिए गुरुवार को इंफाल पहुंचे। एयरपोर्ट से वह चुराचांदपुर जिले के लिए रवाना हुए, जहां वह पिछले महीने की शुरुआत में पूर्वोत्तर राज्य में हुई जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों से मिलने के लिए राहत शिविरों का दौरा करेंगे। बता दें कि मणिपुर में इस साल मई में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से 300 से अधिक राहत शिविरों में करीब 50,000 लोग रह रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी की शुक्रवार को इंफाल में राहत शिविरों का दौरा करने और बाद में कुछ नागरिक संगठनों के सदस्यों से बातचीत करने की भी योजना है। मणिपुर में 3 मई को शुरू हुई हिंसा के बाद, यह कांग्रेस नेता का पूर्वोत्तर के इस राज्य का पहला दौरा है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा कि इंफाल पहुंचने के बाद राहुल गांधी चूड़ाचांदपुर जिले जाएंगे, जहां वह राहत शिविरों का दौरा करेंगे। इसके बाद वह विष्णुपुर जिले में मोइरांग जाएंगे और विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी शुक्रवार को इंफाल में राहत शिविरों का दौरा करेंगे और बाद में कुछ नागरिक संगठनों से बातचीत करेंगे।


अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत

मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच मई की शुरुआत में भड़की जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में 3 मई को पर्वतीय जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं।

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बता दें कि मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है, जो मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है। वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में रहती है।

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