जनसत्ता दल के अध्यक्ष और यूपी के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचार पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में हिंदुओं को चुन चुनकर मारा जा रहा है, लेकिन ग्लोबल शक्तिया इस पर चुप हैं। उन्होंने बांग्लादेश पुलिस की ओर से राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए गए हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी का मामला भी उठाया और पीएम मोदी से इस मामले का संज्ञान लेने का अपील की। राजा भैया ने पूरे हिंदू समाज से बांग्लादेशी हिन्दुओं के रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े होने की भी अपील की।
राजा भैया ने लिखा, "बांग्लादेश की कट्टरवादी तानाशाही सरकार ने वहां के हिन्दुओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा कर दी है, चुन चुनकर हिन्दुओं को मारा जा रहा है, उनके घरों और दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है। वहां पर हिन्दुओं की आवाज स्वामी चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को गिरफ्तार कर लिया गया है फिर भी वैश्विक शक्तियां चुप हैं क्यूंकि अत्याचार हिन्दुओं पे हो रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माननीय विदेश मंत्री एस जयंशकर से आग्रह है कि संज्ञान लें। बांग्लादेशी हिन्दुओं के रक्षार्थ पूरे विश्व के हिन्दुओं खड़ा होना होगा।" इसके साथ ही उन्होंने 'चिन्मय कृष्ण दास को आजाद करें' और 'बांग्लादेशी हिंदुओं को बचाएं' जैसे हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।
राजा भैया की पोस्ट को आप नीचे देख सकते हैं-
इस बीच बांग्लादेश की एक अदालत ने मंगलवार 26 नवंबर को चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को जमानत देने से इनकार कर दिया और उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। बांग्लादेश पुलिस ने हिंदू संगठन ‘सम्मिलित सनातनी जोत’ के नेता चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को ढाका में हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था, जब वह चटगांव जा रहे थे। उन्हें चटगांव लाया गया।
दास और 18 अन्य लोगों के खिलाफ 30 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक नेता की शिकायत पर चटगांव के कोतवाली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। उन पर 25 अक्टूबर को हिंदू समुदाय की एक रैली के दौरान शहर के लालदीघी मैदान में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप लगाया गया था।
BNP नेता की धमकी, राजद्रोह के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा
स्थानीय शासन मामलों के सलाहकार और भेदभाव-रोधी छात्र आंदोलन के नेता आसिफ महमूद ने कहा कि दास को किसी समुदाय के नेता के तौर पर गिरफ्तार नहीं किया गया है, बल्कि राजद्रोह के लिए गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने उत्तर पश्चिम रंगपुर शहर में एक जनसभा के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर कोई राजद्रोह जैसी किसी घटना में संलिप्त है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।’’ महमूद ने कहा, ‘‘यदि बांग्लादेश की संप्रभुता और आजादी खतरे में पड़ते हैं या देश की अवमानना या अपमान होता है तो सरकार निश्चित रूप से कदम उठाएगी।’’
ढाका और चटगांव में हिंदुओं ने निकाली रैली
दास की गिरफ्तारी के बाद हिंदुओं ने ढाका और चटगांव में सड़कों पर रैलियां निकालीं। सोमवार को चटगांव में चेरागी पहाड़ चौराहे पर हिंदू समुदाय के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर दास की तत्काल रिहाई की मांग की। इसी तरह ढाका में हिंदू समुदाय के लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए शाहबाग चौराहे को जाम कर दिया।
ISKON ने चिन्मय कृष्ण दास का किया निष्कासित
चिन्मय कृष्ण दास इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKON) के सदस्य भी थे, जिसने हाल ही में उन्हें निष्कासित कर दिया था। बांग्लादेश में इस्कॉन के अधिकारियों की इस पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।