Rakesh Jhunjhunwala Death: स्टॉक मार्केट के 'बिग बुल' और भारत के वॉरेन बफे कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला का रविवार को 62 साल की उम्र में निधन हो गया। झुनझुनवाला का निधन रविवार सुबह मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल में हुआ। वह लंबे समय से अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। भारत के वॉरेन बफेट कहे जाने वाले झुनझुनवाला का नेटवर्थ 5.8 अरब डॉलर था।
सूत्रों ने बताया कि झुनझुनवाला का रविवार सुबह दिल का दौर पड़ने से निधन हो गया। राकेश झुनझुनवाला का अंतिम संस्कार आज शाम 5.30 बजे मुंबई के बाणगंगा श्मशान घाट में किया जाएगा। जैसे ही सोशल मीडिया पर अचानक खबर आई कि वे इस दुनिया में नहीं रहे तो इस न्यूज ने पूरे शेयर मार्केट को सकते में डाल दिया। उनकी असमय मौत की खबर से सोशल मीडिया गमगीन है।
दिग्गज कारोबारियों सहित राजनीतिक नेताओं ने झुनझुनवाला के निधन पर शोक जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी उनके निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए उनकी साथ की अपनी एक तस्वीर भी इंस्टाग्राम पर शेयर की है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राकेश झुनझुनवाला को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने भाई को खो दिया। इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर करके हुए केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि मेरा हर सपना था तुम्हारे सर आंखों पर था, हर बार जब मैं अपनी जमीन पर खड़ी हुई तो तुम मेरे साथ खड़े थे, मैं कभी नहीं चाहती थी कि दुनिया को इस तरह से पता चले कि मैं तुमसे प्यार करती हूं और तुम्हें भैया कहती हूं..
उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन से मेरी शादी हुई तुमने कभी मुझे ये महसूस नहीं कराया कि मुझसे बहु की तरह बर्ताव किया जाना चाहिए। आपने मुझे घर जैसा महसूस कराया। मैं इस बात से टूट चुकी हूं कि अब मुझे सपने नहीं देखना चाहिए। मैं शोक संदेश नहीं लिखना चाहती और ना ही तुम्हे गुडबाय कहना चाहती हूं, मैं तुम्हे जाने नहीं दे सकती..."
झुनझुनवाला देश के 48वें सबसे अमीर व्यक्ति थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) रहे झुनझुनवाला ने कंपनियों के अकाउंट का ऑडिट करने के बजाय शेयर मार्केट की राह चुनी। 1985 में उन्होंने 5,000 रुपये की पूंजी के साथ इसकी शुरुआत की। सितंबर, 2018 तक शेयरों में उनका निवेश का मूल्य बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था।
उनके पोर्टफोलियो में स्टार हेल्थ, टाइटन, रैलिस इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन होटल्स कंपनी, एग्रो टेक फूड्स, नजारा टेक्नोलॉजीज और टाटा मोटर्स शामिल हैं। जून तिमाही के अंत तक उनका 47 कंपनियों में निवेश था। टाइटन, स्टार हेल्थ, टाटा मोटर्स और मेट्रो ब्रांड्स जैसी कंपनियों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी थी।