Ram Mandir: 'कारसेवकों पर गोली चलवाकर सरकार ने अपना कर्तव्य निभाया' SP नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने फिर दिया विवादित बयान

Ram Mandir Inauguration: समारोह में शामिल होने के बारे में एक सवाल पर समाजवादी पार्टी नेता ने कहा, "क्योंकि ये BJP का निजी कार्यक्रम है, इसलिए स्वामी प्रसाद मौर्य को निमंत्रण कैसे मिल सकता है? स्वामी प्रसाद मौर्य मंगलवार को बौद्ध एकता समिति की ओर से कासगंज के गनेशपुर में आयोजित बौद्ध जन जागरूकता सम्मेलन में मौजूद लोगों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे

अपडेटेड Jan 10, 2024 पर 1:48 PM
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Ram Mandir: 'कारसेवकों पर गोली चलवा कर सरकार अपना कर्तव्य निभाया' SP नेता स्वामी प्रसाद ने फिर दिया विवादित बयान

Ram Mandir Inauguration: समाजवादी पार्टी (SP) के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasas Maurya) ने बुधवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर (Ram Mandir) का उद्घाटन समारोह भारतीय जनता पार्टी (BJP) का "निजी कार्यक्रम" है। साथ ही उन्होंने एक बार विवादित बयान दे डाला और कारसेवकों पर गोली चलाने के तत्कालीन समाजवादी सरकार के फैसले को सही ठहराया। पिछले साल दिसंबर में ही मौर्य की हिंदू धर्म पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था। मौर्य ने ये भी कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले प्रतिष्ठा समारोह के लिए मेहमानों की लिस्ट BJP तैयार कर रही है।

स्वामी प्रसाद मौर्य मंगलवार को बौद्ध एकता समिति की ओर से कासगंज के गनेशपुर में आयोजित बौद्ध जन जागरूकता सम्मेलन में मौजूद लोगों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।


इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा, "जिस समय अयोध्या में राम मंदिर पर घटना घटी थी, बिना न्यायपालिका के किसी निर्देश के, बिना किसी आदेश के अराजक तत्वों ने जो तोड़-फोड़ की थी, उसपर तत्कालिन सरकार ने संविधान की, कानून की रक्षा के लिए उस समय जो गोली चलवाई थी, वो सरकार का अपना कर्तव्य था, उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया था।"

मौर्य ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन बीजेपी का निजी कार्यक्रम है। इसलिए इसके लिए मेहमानों की लिस्ट पार्टी के सदस्यों द्वारा तैयार की जा रही है। दरअसल, राम लला की मूर्ति का स्थान मंदिर से तीन किलोमीटर दूर है।"

समारोह में शामिल होने के बारे में एक सवाल पर समाजवादी पार्टी नेता ने कहा, "क्योंकि ये BJP का निजी कार्यक्रम है, इसलिए स्वामी प्रसाद मौर्य को निमंत्रण कैसे मिल सकता है?"

मौर्य ने पिछले महीने अपने "हिंदू एक धोखा है" वाले बयान को सही ठहराते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी यही बात कही थी। अखिलेशन के ये नेता अपने विवादित बयानों के कारण हमेशा चर्चाओं में रहते हैं।

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मौर्य ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय बौद्ध और बहुजन अधिकार सम्मेलन में बोलते हुए कहा था, "1955 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि हिंदू धर्म एक धर्म नहीं बल्कि एक जीवन पद्धति है। यह 200 से ज्यादा धर्मों का एक समूह है। यहां तक ​​कि मोहन भागवत ने भी एक बार नहीं बल्कि दो बार कहा था कि हिंदू धर्म कोई धर्म नहीं है, बल्कि एक जीवन पद्धति है। जीवन जीने का एक तरीका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि हिंदू धर्म कोई धर्म नहीं है। यहां तक ​​कि गडकरी ने भी एक मीडिया कॉन्क्लेव में यही बात कही थी।"

बाद में, दिल्ली के एक वकील ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई और उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा के पास शिकायत दर्ज कराई।

X पर एक पोस्ट में, वकील विनीत जिंदल ने कहा कि उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ उनकी "हिंदू धर्म एक धोखा है" वाले बयान पर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज की है।

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