Ram Mandir Inauguration: कांग्रेस (Congress) ने अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) प्राण प्रतिष्ठा का न्योता ठुकरा दिया है। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge), सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), अधीर रंजन चौधरी ने राम मंदिर के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। साथ ही उन्होंने इसे RSS और BJP का कार्यक्रम बताया। पार्टी ने एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा, BJP और RSS के नेताओं की तरफ से अयोध्या में अधूरे मंदिर का उद्घाटन साफतौर से चुनावी फायदे के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, भगवान राम देश में लाखों लोग पूजते हैं और धर्म एक व्यक्तिगत मामला है।
इसमें कहा गया, "लेकिन RSS/BJP ने लंबे समय से अयोध्या में मंदिर का राजनीतिक प्रोजेक्ट बनाया है। बीजेपी और RSS के नेताओं की तरफ से अधूरे मंदिर का उद्घाटन साफतौर से चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है।"
पार्टी ने बयान में आगे कहा, "2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए और भगवान राम का सम्मान करने वाले लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और धीर रंजन चौधरी ने स्पष्ट रूप से RSS/BJP के कार्यक्रम के निमंत्रण को सम्मानपूर्वक अस्वीकार कर दिया है।"
पिछले महीने ही कांग्रेस पार्टी ने ये जानकारी दी थी कि उनके तीनों नेताओं को 22 जनवरी को अयोध्या में होने जा रहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला है। पार्टी ने तब कहा था कि वह सही समय आने पर ये फैसला करेगी कि इस कार्यक्रम में कौन शामिल होगा और इस बारे में जानकारी देगी।
कांग्रेस के इस फैसले पर अब राजनीतिक पार्टियों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। CNN-News18 के मुताबिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अभिषेक समारोह में शामिल न होने के कांग्रेस के फैसले पर कहा कि भगवान राम सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नहीं बल्कि सभी के हैं। NCP ने आगे कहा कि एक पार्टी का इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होना उनकी निजी पसंद है।