एस जयशंकर ने अदाणी-हिंडनबर्ग रिपोर्ट विवाद पर अरबपति जॉर्ज सोरोस को लताड़ा, बताया- बूढ़ा, अमीर और खतरनाक

एस जयशंकर (S Jaishankar) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "सोरोस न्यूयॉर्क में बैठे एक पुराने, समृद्ध विचारों वाले व्यक्ति हैं, जो अभी भी सोचते हैं कि उनके विचारों से ही ये तय हो कि पूरी दुनिया कैसे काम करेगी।" विदेश मंत्री ने कुछ साल पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम पर सोरोस के पिछले बयानों को भी याद किया

अपडेटेड Feb 18, 2023 पर 2:26 PM
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एस जयशंकर ने अदाणी-हिंडनबर्ग रिपोर्ट विवाद पर अरबपति जॉर्ज सोरोस को लताड़ा

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने अदाणी-हिंडनबर्ग रिपोर्ट (Adani-Hindenburg Report) पर दिए गए बयान के लिए शनिवार को ब्रिटिश के अरबपति बिजनेसमैन जॉर्ज सोरोस (George Soros) पर पलटवार किया। जयशंकर ने उन्हें "बूढ़ा, अमीर और खतरनाक" बताया। उन्होंने कहा कि वह केवल झूठे नैरेटिव को आकार देने में संसाधनों का निवेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "सोरोस न्यूयॉर्क में बैठे एक पुराने, समृद्ध विचारों वाले व्यक्ति हैं, जो अभी भी सोचते हैं कि उनके विचारों से ही ये तय हो कि पूरी दुनिया कैसे काम करेगी।" विदेश मंत्री ने कुछ साल पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम पर सोरोस के पिछले बयानों को भी याद किया।

उन्होंने कहा, "उस समय, सोरोस ने कहा था कि भारत देश में मुसलमानों की नागरिकता छीनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।"


उदारवादी मुद्दों का समर्थन करने वाले 92 साल के कारोबारी सोरोस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि गौतम अदाणी के कारोबारी साम्राज्य में जारी उठापटक सरकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पकड़ को कमजोर कर सकती है।

रायसिना@सिडनी परिचर्चा में एक सेशन के दौरान पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि सोरोस न्यूयार्क में बैठे बूढ़े, धनी, पूर्वाग्रही व्यक्ति हैं, जो अभी भी ये सोचते हैं कि दुनिया कैसे काम करती है, वो उनके विचारों के आधार पर तय हो।

जयशंकर ने कहा कि अब अगर मैं बूढ़े, धनी और पूर्वाग्रही तक रुक सकता, तो रहने देता, लेकिन वह (सोरोस) बूढ़े, धनी, पूर्वाग्रही और खतरनाक भी हैं।

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विदेश मंत्री ने कहा, "हम उन बाहरी हस्तक्षेप के कारण पैदा होने वाले खतरों के बारे में जानते हैं। अगर आप इस तरह का डर पैदा करेंगे, तब इससे असल में समाज के तानेबाने को नुकसान पहुंचेगा।"

जयशंकर ने कहा, "इसकी अलग-अलग देशों में अलग तरीके से व्याख्या होगी, जहां उनके जैसे लोग सोचते हों कि चुनाव तभी अच्छा है, जब उनकी पसंद का व्यक्ति जीतता है। अगर चुनाव के दूसरे नतीजे आते हैं, तब कहेंगे कि लोकतंत्र में गलती है।"

उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण निर्बाध अवसर देता है, लेकिन इसके साथ संगठनों के विमर्श गढ़ने, धन की आवाजाही और अपने एजेंडे को बढ़ाने का रास्ता भी खुलता है। विदेश मंत्री ने कहा, "ये सब पारदर्शी खुले समाज की वकालत के नाम पर किया जाता है।"

दरअसल अदाणी ग्रुप 24 जनवरी को अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की तरफ से उस पर अकाउंटिंग धोखाधड़ी और स्टॉक हेरफेर का आरोप लगाए जाने के बाद से गंभीर दबाव में है। इन आरोपों को ग्रुप ने ‘‘दुर्भावनापूर्ण’’, ‘‘आधारहीन’’ और ‘‘भारत पर सोचा-समझा हमला’’ कहकर खारिज कर दिया है।

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