भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं का कहना है कि लिली थॉमस मामले में 2013 के सुप्रीम कोर्ट (SC) के फैसले को देखते हुए एक सांसद के रूप में राहुल गांधी की अयोग्यता (Rahul Gandhi Disqualify) 'अपने आप' हुई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस (Congress) ने अब भी दोषी ठहराए जाने और सजा पर रोक के लिए सत्र न्यायालय जाने की तत्परता नहीं दिखाई है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार को सवाल किया कि अदालत के आदेश के एक दिन के भीतर गांधी को सांसद के रूप में अयोग्य क्यों ठहराया गया। ये पूछे जाने पर कि कांग्रेस ने अभी तक हाई कोर्ट में अपील क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि सजा पर रोक के लिए सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने की कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने में "दो से तीन दिन" लगते हैं।
लेकिन बीजेपी नेता और वरिष्ठ मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ "कांग्रेस नेताओं ने साजिश" रची। क्योंकि कांग्रेस के वकील 24 घंटे बाद भी सजा के खिलाफ अपील के लिए नहीं उपरी अदालत नहीं पहुंचे। हालांकि, उन्होंने पवन खेड़ा के लिए घंटों के भीतर ही ऐसा किया था। ठाकुर ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस में कुछ लोग राहुल गांधी से छुटकारा पाना चाहते हैं।
एक और बीजेपी नेता ने News18 को बताया कि राहुल गांधी की अयोग्यता को "कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी के खिलाफ अचानक, अप्रत्याशित और अवांछित कार्रवाई के रूप में झूठा पेश किया जा रहा है।"
ठाकुर ने कहा कि SC के फैसले का मतलब है कि सजा का फैसला सुनाए जाने के बाद गांधी खुदबाखुद अयोग्य हो गए और लोकसभा अध्यक्ष ने केवल कानूनी स्थिति की पुष्टि की, क्योंकि उन्हें कोई निर्णय लेने या बोलने का आदेश पारित करने की जरूरत नहीं थी।
बीजेपी नेता इस ओर इशारा कर रहे हैं कि क्यों कांग्रेस ने फैसले के 24 घंटे बाद भी देश के किसी भी कानूनी प्राधिकरण से रोक लगाने की अपील नहीं की है।
ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता पवन खेड़ा को विमान से उतारे जाने और गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद स्टे हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
वास्तव में अब सभी की निगाहें भारत के चुनाव आयोग पर हैं, जो जल्द ही वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर सकता है, जो लोकसभा सचिवालय से गांधी की अयोग्यता के आदेश के बाद अब खाली हो गई है।