रिपोर्ट- शंकर आनंद
रिपोर्ट- शंकर आनंद
पिछले कुछ महीनों से इनकम टैक्स (Income Tax), प्रवर्तन निदेशालय (ED), CBI जैसी जांच एजेंसियों की कई बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही हैं। आम लोगों के बीच भी इन कार्रवाई की काफी चर्चा की जा रही है। पान की दुकान से लेकर बस, ट्रेन, न्यूज पेपर, टीवी और सोशल मीडिया तक इस मसले पर चर्चा काफी है।
पश्चिम बंगाल में ED ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 50 करोड़ कैश और ज्वैलरी जब्त की। इससे पहले झारखंड में ऐसे ही एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल को भी गिरफ्तार किया गया था। तब उस मामले में एक चार्टेड एकाउंटेंट (CA) के पास से करीब 19 करोड़ रुपए भी जब्त किए गए थे।
हालांकि, ED की पिछले साल यूपी के कन्नौज में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पर हुई छापेमारी सबसे ज्यादा चर्चाओं में रही थी। तब जैन के घर से 197 करोड़ रुपए कैश और 27 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था।
इस तरह के मामलों को ध्यान में रखते हुए ही केंद्र सरकार डिजिटल पेमेंट या लेनदेन पर ज्यादा जोर दे रही है। ताकि सभी लेनदेन में पारदर्शिता रहे। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार कोई शख्स अपने घर में कितना कैश और कितना गोल्ड रख सकता है? आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब
घर पर कितना रख सकते हैं कैश?
इनकम टैक्स विभाग के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, आप अपने घर में कितना भी नगदी रख सकते हैं, लेकिन जांच एजेंसी की कार्रवाई होती है, तो आपको उस कैश का सोर्स भी बताना पड़ सकता है। अगर आपके पास उस कैश का कोई सोर्स नहीं है, तो आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन अगर आपके पास उस पैसे को वैध तौर पर अर्जित करने का सोर्स बताने का प्वाइंट है, तो कोई दिक्कत नहीं होगी।
अगर कोई भी शख्स अपने घर में या दूसरी लोकेशन पर अवैध तौर पर भारी मात्रा में कैश रखता है और जांच एजेंसी छापेमारी में उसे जब्त कर लेती है, तो हर जांच एजेंसी अपने तरीके से कार्रवाई को अंजाम देती है। उदाहरण के तौर पर इनकम टैक्स विभाग की बात की जाए, तो अगर आपने उस पैसे का सही सोर्स नहीं बताया, तो आपके खिलाफ करीब 137 प्रतिशत तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
ये नियमों का भी रखें ध्यान
- इसके अलावा दो लाख रुपए से ज्यादा की खरीदारी करने के दौरान आपको अपना PAN कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी देनी होगी।
- अगर कोई शख्स 30 लाख रुपए से ज्यादा कैश पेमेंट प्रोपर्टी के खरीदारी या बेचने के दौरान करता है, तो वो जांच एजेंसी के रडार पर आ सकता है।
- किसी पारिवारिक सदस्यों के साथ आपसी लेन-देन भी अगर लाखों-करोड़ों रुपए में हो रहा है, तो उस मसले पर भी आपको उचित कानूनी दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।
- क्रेडिट-डेबिड कार्ड पेमेंट के दौरान अगर कोई शख्स एक लाख रुपए से ज्यादा की राशी एक बार में पेमेंट करता है, तो वो शख्स भी जांच एजेंसी के राडार पर आ सकता है।
- इनकम टैक्स के नियम कानून के मुताबिक, एक ही दिन में कोई भी व्यक्ति अपने करीबी रिश्तेदारों से भी दो लाख रुपए से ज्यादा कैश नहीं ले सकता है। अगर कोई शख्स ऐसा करना चाहता है, तो उसे अपने बैंक के मार्फत, चेक जरिए ये रकम ले सकता है।
- कई बार लोग आपसी परिवारिक कनेक्शन या लेनदेन के चक्कर में लोग लाखों रुपए का कैश किसी उपहार के तौर पर हासिल कर लेते हैं। ऐसे मामले में भी लोगों को विशेष तौर पर सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकी दो लाख रुपए से ज्यादा की नकदी वाले उपहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
CBDT के नए कानून
इसी साल 26 मई 2022 से CBDT की तरफ से नए कानून लागू किए गए है। इसके तहत कोई भी शख्स एक साल में 20 लाख से ज्यादा का कैश अगर बैंक में भी जमा करता है, तो उसकी जानकारी उसे ITR जमा करते वक्त जरूर देनी होगी।
इसके साथ ही कैश जमा कराते वक्त बैंक को भी अपना पैन कार्ड और आधार कार्ड तत्काल देना होगा। दरअसल आयकर विभाग, केंद्र सरकार समेत देश के अंतर्गत दूसरे विभागों के द्वारा पिछले कुछ समय पहले भी एक अहम बैठक हुई थी। इसमें ये फैसला लिया गया था की वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध नगदी के लेनदेन और दूसरे धन अपराधों के जोखिम को कम करने के लिए नियमों को अपडेट और बदलाव किया जा रहा है।
CBI, ED रखती हैं अवैध पैसों पर पैनी नजर
केंद्रीय जांच एजेंसी CBI और ED खासतौर पर उन आरोपियों या भ्रष्टचारियों पर नजर रखती है, जो अवैध तरीके से कैश, ज्वेलरी या प्रॉपर्टी कमाते हैं। इन दोनो जांच एजेंसियों का आधार साधारण शब्दों में इस तरह से बताया जा सकता है की अगर आपने गलत तरीके से कोई भी चल-अचल संपत्ति अर्जित की है और अगर जांच एजेंसी के राडार पर वो आ जाती है, तो उससे बचना बेहद मुश्किल है।
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