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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में केंद्रीय बलों की होगी तैनाती, ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका

Bengal Panchayat Election 2023: जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस मनोज मिश्रा की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि यह सच है कि हाई कोर्ट के आदेश का आशय राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है, क्योंकि यहां एक ही दिन में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। इसके साथ ही पंचायत चुनाव में हो रही हिंसा और राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से कहा कि चुनाव कराना हिंसा कराने का लाइसेंस नहीं है

Akhileshअपडेटेड Jun 20, 2023 पर 2:48 PM
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में केंद्रीय बलों की होगी तैनाती, ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका
Bengal Panchayat Election 2023: शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से कहा कि चुनाव कराना हिंसा कराने का लाइसेंस नहीं है

West Bengal Panchayat Election 2023: पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को होने वाले पंचायत चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta high court) के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसमें पश्चिम बंगाल में राज्य निर्वाचन आयोग को आगामी पंचायत चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की मांग करने और तैनात करने का निर्देश गया था। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश सीएम ममता बनर्जी की अगुवाई वाली बंगाल सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस मनोज मिश्रा की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि यह सच है कि हाई कोर्ट के आदेश का आशय राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है, क्योंकि यहां एक ही दिन में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। इसके साथ ही पंचायत चुनाव में हो रही हिंसा और राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से कहा कि चुनाव कराना हिंसा कराने का लाइसेंस नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने के लिए सहमती जताई थी, जिसमें राज्य चुनाव आयोगको पंचायत चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की मांग करने और तैनात करने का निर्देश दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना आपकी जिम्मेदारी है। फोर्स कहां से आएगी, इसकी चिंता आपको नहीं करनी है। ऐसे में आपकी याचिका तो सुनने लायक ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी।

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