Get App

CAA से जुड़े वे बुनियादी सवाल, जिनके जवाब जानना आपके लिए है बेहद जरूरी

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से पहले मोदी सरकार ने एक बड़ा दांव खेल दिया। देश में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA लागू कर दिया, लेकिन क्या आपको पता है कि इस नागरिकता संशोधन कानून से किसे फायदा होगा और किसे नुकसान? ऐसे ही कई बड़ा और अहम सवालों के जवाब जानने हैं, तो आ जाइए चुनावी चौपाल में

Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 12, 2024 पर 6:15 AM
CAA से जुड़े वे बुनियादी सवाल, जिनके जवाब जानना आपके लिए है बेहद जरूरी
गृह मंत्रालय ने CAA का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से पहले मोदी सरकार (Modi Government) ने एक बहुत ही बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने आज नागरिकता संशोधन कानून 2019 यानी CAA के नियमों को देशभर में लागू कर दिया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने CAA का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसी के साथ BJP ने अपना 2019 का चुनावी वादा भी पूरा कर दिया है। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कह चुके थे कि लोकसभा चुनाव से पहले CAA को लागू कर दिया जाएगा और अब ये लागू हो चुका है।

CAA 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के घोषणापत्र का एक सबसे अहम वादा था। CAA के नियम जारी होते ही अब अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई समुदायों से आने वाले प्रवासियों के लिए भारत में नागरिकता पाने का रास्ता भी खुल गया है।

CAA क्या है?

अब बात करते हैं कि आखिर ये CAA है क्या? हर देश की तरह ही हमारे देश का भी एक नागरिकता कानून है। ये कानून 1955 से लागू है, अब हुआ ये कि 2019 में मोदी सरकार ने इस नागरिकता कानून 1955 में बदलाव किए और बदलाव के बाद ये बन गया नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 यानि CAAA 2019। नाम में संशोधन जोड़ा गया, मतलब कि इस कानून में बड़े बदलाव भी हुए।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें