Delhi Liquor Scam Case: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बताया है कि कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक विजय नायर मुझे नहीं, बल्कि मंत्री आतिशी (Atishi) और सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) को रिपोर्ट करते थे। ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) जांच को गुमराह कर रहे है। ED ने बताया कि जब विजय नायर के बारे में पूछा गया तो केजरीवाल ने कहा कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करते है। इस दौरान कोर्ट में विजय नायर की मीटिंग से जुड़े सारे सबूत दिखाए गए।
इसके अलावा गोवा चुनावों के दौरान कैश से जुड़े सबूतों को भी केजरीवाल ने मानने से इनकार कर दिया। एजेंसी को पूछताछ के लिए रिमांड की जरूरत नहीं थी इसलिए केजरीवाल को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
कौन है विजय नायर? (Who is Vijay Nair)
इवेंट कंपनी ओनली मच लाउडर (OML) के पूर्व CEO विजय नायर (Vijay Nair) आम आदमी पार्टी से जुड़े थे। उनको 2022 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में गिरफ्तार किया था। CBI ने आरोप लगाया है कि नायर ने घोटाले में एक शराब कंपनी के मालिक से रिश्वत ली थी। नायर ने 2014 में आम आदमी पार्टी से जुड़ना शुरू किया। लगभग पांच वर्षों तक उनका काम सोशल मीडिया, इवेंट कम्यूनिकेशन के साथ-साथ पार्टी कार्यक्रमों की योजना बनाने के इर्द-गिर्द घूमता रहा।
विजय नायर पिछले 8 साल से आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। शुरू में वह पार्ट टाइम वॉलंटियर थे, लेकिन अभी वह आम आदमी पार्टी के संचार प्रभारी हैं। कहा जाता है कि इवेंट कंपनी से आम आदमी पार्टी के बैकरूम तक विजय नायर का कद काफी तेजी से बढ़ा। आम आदमी पार्टी में उनका कद कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अभियान से लेकर नीति निर्माण तक में पार्टी को सलाह देते थे।
पार्टी के एक नेता ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में उनकी उपस्थिति बढ़ गई जब उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अभियान के कम्यूनिकेशन का मैनेजमेंट करना शुरू किया। नायर के साथ काम कर चुके एक पूर्व AAP सदस्य ने 'द प्रिंट' को बताया, "नायर को धन जुटाने वाले कार्यक्रमों के लिए बहुत सारे कलाकार आसानी से मिल गए और इससे पार्टी को काफी मदद मिली।"
2019 में नायर की विशेषज्ञता ने मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन से परे अन्य क्षेत्रों में भी काम करना शुरू कर दिया। पार्टी के एक अन्य नेता के अनुसार, उन्होंने AAP को राजनीति, उनके चुनाव घोषणापत्र के साथ-साथ नीतिगत मामलों पर सलाह देना शुरू कर दिया। यह भी कहा गया है कि नायर ने ज्यादातर पर्दे के पीछे से काम किया है। AAP विधायक आतिशी मार्लेना ने कारवां को बताया कि नायर पार्टी के लिए एक 'सक्रिय कार्यकर्ता' थे।
15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें 15 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख केजरीवाल को खचाखच भरे अदालत कक्ष में विशेष जज कावेरी बावेजा के समक्ष पेश किया गया। ED ने अदालत से केजरीवाल को 15 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पूछताछ के दौरान बिल्कुल सहयोग नहीं किया।
इसके बाद जज ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। जांच एजेंसी ने मामले में 21 मार्च को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। अगले दिन, विशेष जज बवेजा ने उन्हें 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद, अदालत ने ED की उस याचिका को स्वीकार कर लिया था, जिसमें उनकी रिमांड को चार दिन बढ़ाकर 1 अप्रैल तक करने का अनुरोध किया गया था।