Pulwama Attack: इतिहास का वो काला दिन, जब देश ने खोए अपने 40 वीर सपूत, आत्मघाती हमले की पूरी दास्तान और भारत का मुंहतोड़ जवाब

14 फरवरी, 2019 को 22 साल के एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा बलों की एक बस को निशाना बनाया, जिसके कारण 40 CRPF जवान शहीद हो गए। बस NH44 पर जम्मू से श्रीनगर जा रहे 2,500 अर्धसैनिक बलों और 78 गाड़ियों के एक बड़े काफिले का हिस्सा थी। इस हमले की साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने रची थी

अपडेटेड Feb 14, 2025 पर 11:49 AM
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Pulwama Attack: इतिहास का वो काला दिन, जब देश ने खोए अपने 40 वीर सपूत

आज देश पुलवामा हमले की छठी बरसी मना रहा है। इस हमले को 14 फरवरी को भारत के इतिहास में एक काले दिन की तरह याद किया जाता है। 2019 में आज ही के दिन देश को सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक का सामना करना पड़ा था। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक आत्मघाती हमलावर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले को निशाना बनाया, जिसमें 40 बहादुर जवानों की दुखद मौत हो गई। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राष्ट्र के प्रति उनका साहस और कर्तव्य पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

14 फरवरी, 2019 को 22 साल के एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा बलों की एक बस को निशाना बनाया, जिसके कारण 40 CRPF जवान शहीद हो गए। बस NH44 पर जम्मू से श्रीनगर जा रहे 2,500 अर्धसैनिक बलों और 78 गाड़ियों के एक बड़े काफिले का हिस्सा थी।

हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में की गई, जो दक्षिण कश्मीर के पुलवामा इलाके के काकापोरा का एक स्थानीय कश्मीरी जिहादी था। वह पाकिस्तान के आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था।


इस हमले की साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने रची थी। मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद उमर फारूक ने विस्फोटक ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान गया था और बाद में हमले को अंजाम देने के लिए भारत में घुसपैठ की थी।

2019 की शुरुआत में खरीदी गई एक मारुति EECO कार को हमले के लिए मॉडिफाई किया गया था और RDX और जिलेटिन की छड़ें सहित लगभग 200 किलोग्राम हाई ग्रेड एक्सप्लोसिव्स से भरा गया था। मसूद अजहर, रउफ असगर और अम्मार अल्वी सहित जैश-ए-मोहम्मद नेताओं ने हमले की योजना बनाने और डायरेक्शन में अहम भूमिका निभाई।

यह हमला ठीक उसी समय हुआ, जब भारी बर्फबारी के बाद नेशनल हाईवे फिर से खुल गया, जिससे आतंकवादियों को हमला करने का रणनीतिक मौका मिल गया।

भारत ने ऐसे दिया मुंहतोड़ जवाब

पुलवामा हमले के जवाब में 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयर स्ट्राइक के जरिए आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया था। यह बेहद सफल ऑपरेशन रहा, कोड-नाम ऑपरेशन बंदर, 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान के अंदर पहला हवाई हमला था।

भारत की जवाबी कार्रवाई की मुख्य बातें:

- कई मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने जैश-ए-मोहम्मद की बालाकोट ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त करते हुए हवाई हमला किया।

- कथित तौर पर हमले में बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक और वरिष्ठ कमांडर मारे गए।

- हवाई हमले में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिन्हें मसूद अजहर के बहनोई मौलाना यूसुफ अजहर चलाता था।

- भारत की सैन्य प्रतिक्रिया के बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके कारण 27 फरवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना और पाकिस्तान वायु सेना के जेट विमानों के बीच हवाई लड़ाई हुई।

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