पंजाब में 60% तक सस्ती होगी शराब! AAP सरकार ने दी नई आबकारी नीति को मंजूरी, किए कई बड़े बदलाव
Punjab New Excise Policy: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शराब कारोबार से 9,647.85 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल के मुकाबले 40 प्रतिशत ज्यादा है
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 09, 2022 पर 2:15 PM
AAP सरकार ने दी पंजाब की नई आबकारी नीति को मंजूरी (FILE PHOTO)
पंजाब (Punjab) में शराब की कीमतों (Liquor price) में गिरावट हो सकती है। आम आदमी पार्टी (AAP) की अगुवाई वाले राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को अपनी पहली आबकारी नीति को मंजूरी दे दी। आबकारी नीति 2022-23 (Excise Policy 2022-23) के तहत पंजाब सरकार (Punjab Government) ने बीयर और भारत में बनी विदेशी शराब (IMFL) के बिक्री कोटे की सीमा हटा दी है। इस कदम से 1 जुलाई से प्रभावी शराब की कीमतों में 35-60 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है।
इसके अलावा, नई नीति के बाद राज्य को चालू वित्त वर्ष में कुल 9,647.85 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की भी उम्मीद है। जबकि 2021-22 में यह 6,158 करोड़ रुपए था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शराब कारोबार से 9,647.85 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल के मुकाबले 40 प्रतिशत ज्यादा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में साल 2022-23 की नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई।
पंजाब की नई आबकारी नीति की विशेषताएं
आबकारी नीति 2022-23 के तहत डिस्टिलर्स, शराब डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर्स को डी-लिंक कर दिया गया है। पहले ये सभी शराब के रिटेल कारोबार से जुड़े थे। देशी शराब के मामले में हर एक डिस्टिलर एक डिस्ट्रीब्यूटर नियुक्त करेगा।
इसी तरह, दूसरे सभी निर्माताओं का एक डिस्ट्रीब्यूटर होगा, जो फिर सभी रिटेलर्स को शराब की सप्लाई करेगा। राज्य में नई डिस्टिलरी खोलने पर लगी रोक भी हटा ली गई है।
पॉलिसी लाइसेंस फीस के जरिए राजस्व मिलता है, जो ई-टेंडर/नीलामी के जरिए मिलती है। गाय उपकर (Cow Cess) और विशेष लाइसेंस शुल्क (special licence fee) को भी लाइसेंस फीस में ही जोड़ दिया गया है।
IMFL, बीयर और इंपोर्टेट विदेशी शराब (IFL) पर एक्साइज ड्यूटी 1 प्रतिशत रखी गई है। लहन से अवैध डिस्टिलेशन को रोकने के लिए सरकार 40 डिग्री PML पेश करेगी, जो सफेद रंग में होगी और 180 ml फूड-ग्रेड प्लास्टिक पाउच में बेची जाएगी।
क्या सस्ती होगी शराब?
पंजाब में शराब के दाम अब हरियाणा के मुकाबले 10-15 फीसदी कम होंगे। चंडीगढ़ में बीयर की कीमत 120 रुपये से 150 रुपये प्रति बोतल के मुकाबले 120 रुपये से 130 रुपये प्रति बोतल के बीच होगी।
पंजाब में बीयर का रेट फिलहाल 180 रुपये से 200 रुपये प्रति बोतल है। IMFL के सबसे ज्यादा खपत वाले ब्रांड की कीमत अब पंजाब में 400 रुपये होगी, जबकि चंडीगढ़ में यह 510 रुपये है। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में एक बोतल पंजाब में 700 रुपये में मिलती है।
कम कीमतों से हरियाणा और चंडीगढ़ से पंजाब में अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। पंजाब सरकार को तस्करी पर लगाम लगने से आबकारी राजस्व में 40 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
क्या कहती है पंजाब सरकार?
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में आबकारी आयुक्त वरुण रूजम के हवाले से कहा गया, "हमने कई नए और बड़े बदलाव किए हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए नीति में कई चेक्स और बैलेंस हैं कि राज्य में और राज्य से तस्करी को रोका जा सके।
हालांकि, IMFL और बीयर दोनों के लिए कोटा खुला है। आबकारी आयुक्त के पास शराब कोटा ज्यादा उठाने पर रोक लगाने के लिए अतरिक्त शक्तियां होंगी और मांग का लगातार आकलन किया जाएगा।
शराब में मिलावट, तस्करी पर लगाम लगाने और अवैध डिस्टिलरी खोलने पर रोक लगाने के लिए विभाग की प्रवर्तन शाखा को मजबूत किया जा रहा है। रूजम ने कहा, इसके लिए पुलिस की दो अतिरिक्त बटालियन विभाग को आवंटित की जा रही हैं।