शाहजहांपुर में आज (11 अगस्त) सुबह पंजाब मेल एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैल गई। इसके बाद भगदड़ मच गई। जान बचाने की होड़ में लोग एक-दूसरे को कुचल कर दूसरी बोगी में भागने लगे। 50 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही ट्रेन से कूदने लगे। हादसे में 20 लोग घायल हुए हैं। 7 की हालत गंभीर है। घटना बरेली और कटरा स्टेशन के बीच बहगुल नदी के पुल की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। ट्रेन पुल पर थी। ऐसे में ट्रेन का आधा हिस्सा नदीं में आधा हिस्सा नदी से बाहर था।
रविवार की सुबह करीब 8:00 बजे बरेली और मीरानपुर कटरा स्टेशन के बीच ट्रेन के जनरल कोच में आग लगने की अफवाह पर चालक ने गाड़ी को रोक दिया। ट्रेन की आधी बोगी नदी के पुल पर और आधी बाहर थी। गाड़ी के रुकते ही यात्रियों ने नीचे कूदने लगे। अफरातफरी का माहौल देखने को मिला।
सुबह 10:10 पर ट्रेन को शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रोका गया। रेलवे के अधिकारी और आरपीएफ के जवान पहुंच गए। पांच एंबुलेंस को बुला लिया गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल सात लोगों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इस बीच 30 मिनट तक ट्रेन रुकी रही। जांच में सबकुछ सही मिलने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
शरारती तत्वों ने की ये करतूत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुरादाबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि बिलपुर के पास सुबह कुछ शरारती तत्वों ने ट्रेन नंबर 13006 के जनरल जीएस कोच में रखा अग्निशमन यंत्र चलाया। जिसके चलते गाड़ी को रोक दिया गया। जिससे दहशत में आए यात्री कूदने लगे। दो यात्रियों को चोट आई है। घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। शरारतीतत्वों की पहचान करने के लिए जांच कराई जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 13006 पंजाब मेल एक्सप्रेस अमृतसर से हावड़ा की ओर जा रही थी। सुबह तकरीबन सुबह 8:30बजे बिलपुर कटरा स्टेशन के बीच पहुंची थी। जनरल कोच में धुंआ भरता देख लोगों को लगा कि बोगी में आग लग गई है। ऐसे में सब यात्री ट्रेन से कूदकर भागने लगे। ट्रेन में सफर कर रहे एक अन्य चश्मदीद यात्री ने बताया कि सीजफायर का सिलेंडर लीक होने से धुंआ निकला था। लेकिन लोगों को लगा कि यह आग लगने का धुंआ है।