Qutub Minar Excavation: केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी (GK Reddy) ने रविवार को साफ किया कि दिल्ली में कुतुब मीनार (Qutub Minar) परिसर में खुदाई के लिए सरकार की तरफ से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को निर्देश जारी किए हैं? रेड्डी ने कथित तौर पर कहा, "ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।"
दरअसल कई मीडियो रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ASI के अधिकारी लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर खुदाई करने के लिए वहां का दौरा कर रहे हैं। ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बाद, कुतुब मीनार विवाद तब सामने आया, जब ASI के पूर्व जोनल डायरेक्टर धर्मवीर शर्मा ने इसे लेकर चौंकाने वाला दावा किया।
शर्मा ने कहा कि कुतुब मीनार का निर्माण कुतुब अल-दीन ऐबक नहीं, बल्कि हिंदू राजा राजा विक्रमादित्य ने कराया था। कई हिंदू समूहों ने भी कुतुब मीनार परिसर का नाम बदलने की मांग की थी। उन्होंने कहा था इस जगह का इस्तेमाल पहले हिंदू और जैन मंदिरों के लिए किया जाता था।
शनिवार को संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने तीन इतिहासकारों, चार ASI अधिकारियों और शोधकर्ताओं के साथ विश्व धरोहर स्मारक का दौरा किया। ASI के अधिकारियों ने सचिव को बताया कि कुतुब मीनार परिसर में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्रालय ने ASI को खुदाई रिपोर्ट जमा करने को कहा है और मस्जिद से 15 मीटर की दूरी पर मीनार के दक्षिण में प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सूत्रों ने कहा कि अधिकारियों को तथ्य सामने लाने के लिए 'खोज' करने के लिए कहा गया है।
दो हफ्ते पहले, एक दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों ने कुतुब मीनार परिसर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इन लोगों ने प्रतिष्ठित स्मारक का नाम बदलकर 'विष्णु स्तम्भ' करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस ने कहा कि कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "उन्हें हिरासत में लिया गया क्योंकि वे सड़क के बीच में विरोध नहीं कर सकते थे, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया था और यात्रियों को असुविधा हो रही थी।"