Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले कीजिए 'रामायण यात्रा', नक्शे के जरिए जानें वे जगह, जहां पड़े प्रभु के कदम

Ram Mandir Inauguration: क्या आपको उन अलग-अलग जगहों के बारे में पता है, जहां रामायण की अलग-अलग घटनाएं घटी हैं? रामलला के प्राण प्रतिष्ठा से पहले हम आपको लेकर चलते हैं एक छोटी सी 'रामायण यात्रा' (Ramayana Yatra) पर, जिसमें आप नक्शे के जरिए समझ पाएंगे भगवान राम के जीवन से जुड़ी हर छोटी से बड़ी घटना कहां हुई

अपडेटेड Jan 12, 2024 पर 3:44 PM
Story continues below Advertisement
Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले कीजिए 'रामायण यात्रा', नक्शे के जरिए जानें वे जगह, जहां पड़ें प्रभु के कदम

"आदौ राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्। वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।। बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्। पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।।"

इस एक श्लोक में संपूर्ण रामायण के बारे में बताया गया है। इस श्लोक का भावार्थ है- श्रीराम वनवास गए, वहां उन्होने स्वर्ण मृग का वध किया। रावण ने सीताजी का हरण कर लिया, जटायु रावण के हाथों मारा गया। श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता हुई। श्रीराम ने बालि का वध किया। समुद्र पार किया। लंका का दहन किया। इसके बाद रावण और कुंभकर्ण का वध किया।

22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। 500 साल की लंबी लड़ाई के बाद भगवान की जन्मस्थलि पर उनका एक भव्य महल बन कर तैयार हो रहा है। ऊपर दिए गए श्लोक में कुछ बताया गया है, वो हम सब ही जानते हैं, लेकिन क्या आपको उन अलग-अलग जगहों के बारे में पता है, जहां रामायण की अलग-अलग घटनाएं घटी हैं...


तो कोई बात नहीं, रामलला के प्राण प्रतिष्ठा से पहले हम आपको लेकर चलते हैं एक छोटी सी 'रामायण यात्रा' पर, जिसमें आप नक्शे के जरिए समझ पाएंगे भगवान राम के जीवन से जुड़ी हर छोटी से बड़ी घटना कहां हुई।

भव्यता के नए अहसास के लिए तैयार हो रहा अयोध्या, कनॉट प्लेस और हजरतगंज की याद दिला सकता है यहां का राम पथ

Ayodhya map Hindi2

यहां हम आपको नक्शे के जरिए रामायण काल की 11 बड़ी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत प्रभु की जन्मस्थली अयोध्या से होगी और समापन लंका में अशोख वाटिका में जाकर होगा, आइए भगवान राम का नाम लेकर शुरू करते हैं अपनी 'रामायाण यात्रा'...

Ayodhya map Hindi3

इसकी शुरुआत भगवान राम के जन्म स्थान अयोध्या से होती है। जबकि नेपाल का जनकपुर माता सीता का जन्म स्थान है। इसके बाद तीसरे नंबर पर है, उत्तर प्रदेश का प्रयागराज, यहां पर ही वन गमन के लिए श्रीराम, सीता और लक्ष्मण ने गंगा पार की। मैप में चौथी जगह है, मध्य प्रदेश का चित्रकूट, जहां भरत मिलाप हुआ था।

Ayodhya map Hindi4

दंडकारण्य जंगल में वनवाास के दौरान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के साथ रहे। महाराष्ट्र के नासिक या पंचवटी, जो दंडकारण्य का हिस्सा है। वनवास में श्रीराम ने सीता और लक्ष्मण के सााथ यहीं कुटिया बनाई थी। इस जगह से ही रावण ने सीता हरण किया।

7 नंबर पर है, आंध्र प्रदेश का लेपाक्षी, ये वो जगह है, जहां रावण से लड़ते वक्त जटायु गिरे थे। 8 नंबर पर कर्नाटक का किष्किंधा, जो अब हंपी के नाम से जाना जाता है। श्रीराम यहीं पहली बार हनुमान जी से मिले थे।

Ayodhya map Hindi5

किष्किंधा वानर राज की राजधानी थी। इसे कर्नाटक के कोप्पल जिले में हंपी में माना जाता है। इसके बाद आते हैं तमिलनाडु के रामेश्वरम। इस जगह का अपना एक अलग महत्तव है। क्योंकि वानर सेना ने इसी जगह समुद्र पर राम सेतु बनाया था।

Ayodhya map Hindi6

इस रामायाण यात्रा का आखिरी पड़ाव है लिंका या श्रीलंका। श्रीलंका का हकाालाा बॉटनिकल गार्डेन ही उस युग में रावण की अशोक वाटिका था। रावण ने सीता जी को यहीं अशोक वाटिका में रखा था। श्रीलंका में हकाला बॉटनिकल गार्डेन को उसी जगह के रूप में जाना जाता है। इसके बाद आता है श्रीलंका का तलाइमन्नार। श्रीराम की वानर सेना का लंकाा में यही पहला पड़ाव था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।