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Ram Mandir: राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' के दौरान मस्जिदों में भी हो 'राम-राम' का जाप, RSS की मुस्लिम समुदाय से अपील

Ram Mandir Inauguration: 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में अपने जन्म स्थान पर रामलला विराजमान होने वाले हैं। नए मंदिर में भगवान श्री राम के 5 वर्षीय बालक स्वरूप की मूर्ति स्थापित होगी। यह मूर्ति 51 इंच यानि लगभग साढ़े 4 फीट की होगी। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के सैकड़ों दिग्गज मौजूद रहेंगे

Akhileshअपडेटेड Jan 01, 2024 पर 11:53 AM
Ram Mandir: राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' के दौरान मस्जिदों में भी हो 'राम-राम' का जाप, RSS की मुस्लिम समुदाय से अपील
Ram Mandir: रामलला की तीन मूर्तियां बनाई गईं हैं। इन तीनों मूर्तियों की ऊंचाई 51-51 इंच हैं।

Ram Mandir Inauguration: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने मुसलमानों से 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में 'श्री राम, जय राम, जय जय राम' जपने की अपील की है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, "भारत में 99 प्रतशित मुसलमान और अन्य गैर-हिंदुओं का भारत से नाता है। उनका नाता आगे भी बना रहेगा, क्योंकि हमारे पुरखे एक ही थे। उन्होंने अपना धर्म बदला, अपना देश नहीं।" RSS नेता ने इस्लाम, ईसाइयत, सिख या किसी भी अन्य धर्म का पालन कर रहे लोगों से शांति, सद्भाव एवं भाईचारा के लिए अपने अपने धर्मस्थलों पर प्रार्थना कर अयोध्या के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से जुड़ने की अपील की।

'राम मंदिर, राष्ट्र मंदिर: ए कॉमन हेरिटेज' नामक एक किताब के विमोचन के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RSS से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के मुख्य संरक्षक कुमार ने कहा, "हमारे पुरखे एक ही थे, हमारी सूरत भी एक जैसी है, हमारी पहचान संबंधी आकांक्षाएं भी समान हैं। हम सभी का इसी देश से नाता है, हमारा विदेशियों से कोई लेना-देना नहीं है।"

उन्होंने कहा, "मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपील की है और मैं आज दोहरा रहा हूं कि दरगाहों, मकतबों, मदरसों और मस्जिदों में 11 बार 'श्री राम जय राम जय जय राम' दोहराएं। बाकी आप अपनी उपासना पद्धति का पालन करें।" इस अवसर पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, "जिनका हृदय बड़ा है, सोच बड़ी है, उनके लिए पूरा विश्व ही कुनबा (परिवार) है। ज्ञान परंपरा, जिसपर भारत आधारित है, इस उपदेश से भरा है।"

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